पानी निकालने में जुटा निगम, नहीं मिल रही कामयाबी, सब्जियां, दूध व अखबार मिलना हुआ मुश्किल
पटना : लगातार बारिश से शहर के कई इलाकों में हुए जलजमाव से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गये हैं. अधिकांश मुहल्लों में घुटने से लेकर कमर तक पानी लगा है, जिससे लोग अपने ही घरों में बंधक बन गये हैं. निगम क्षेत्र के 90 फीसदी मुहल्लों व सड़कों की यही स्थिति है.
लगातार हो रही बारिश से राजेंद्र नगर के साथ ही कदमकुआं, कंकड़बाग, पोस्टल पार्क, राजीव नगर, पाटलिपुत्र कॉलोनी, एसकेपुरी सहित सैकड़ों मुहल्लों में भयंकर जलजमाव की स्थिति बनी है.
इन इलाकों में लोगों को हरी सब्जियां, दूध और अन्य जरूरी सामान मिलना मुश्किल हो गया है. जलजमाव की भयावहता को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें उतारी गयी हैं. निगम प्रशासन भी लगातार पानी निकालने में जुटा है. लेकिन, कामयाबी नहीं मिल रही है. स्थिति यह है कि शहर का जल स्तर घटने के बदले इलाका दर इलाका बढ़ ही रहा है.
राजेंद्र नगर रोड नंबर छह व सैदपुर की बिजली बंद
पानी अधिक बढ़ने के कारण सैदपुर और राजेंद्रनगर रोड नंबर छह की बिजली रविवार की दोपहर से बंद कर दी गयी. इससे दस हजार से अधिक की आबादी पूरी तरह अंधेरे में डूब गयी. पेसू के जीएम दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि जलजमाव का स्तर छह-सात फुट तक पहुंचने और उसमें ग्राउंड फ्लोर की वायरिंग और मीटर डूबने के कारण सुरक्षा को ध्यान में रख कर ऐसा किया गया. पानी का स्तर घटने पर विद्युत आपूर्ति दोबारा बहाल की जायेगी.
गहराई का पता नहीं
राजधानी पटना की सड़कों पर बारिश के पानी से जलजमाव की हालत ऐसी है कि कई जगह इसकी गहरायी का पता नहीं होने से वहां पहुंचने पर टू और फोर व्हीलर गाड़ियां बंद हो जा रही हैं.
ऐसी कई गाड़ियां शनिवार सुबह से ही सड़कों पर देखी जा रही हैं जिन्हें बंद होने की वजह से लोग छोड़कर चले गये. इसी इंतजार में कि पानी निकल जायेगा तो गाड़ियों को ले जायेंगे. इसमें शहर का महत्वपूर्ण इलाका डाकबंगला चौराहा, छज्जूबाग, कंकड़बाग और राजेंद्र नगर शामिल हैं. यह हाल तब है जबकि राजधानी में आपदा की टीम मुस्तैदी से काम कर रही है.
सैदपुर संप हाउस की बिजली आपूर्ति भी रही बंद
सैदपुर संप हाउस की बिजली आपूर्ति भी दोपहर 12 बजे के बाद से बंद रही. इसकी वजह वहां के मोटर के भीतर पानी आ जाना रहा. दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि सैदपुर संप हाउस के लिए पूरी तरह से अलग विद्युत आपूर्ति लाइन है. लेकिन, तकनीकी वजहोंं से संप हाउस के द्वारा कहने पर उसकी बिजली आपूर्ति बंद की गयी है.
