पटना : हरियाणा लोक सेवा आयोग बीपीएससी के नये साक्षात्कार प्रणाली को अपनाने पर विचार कर रहा है. वहां के अध्यक्ष रंजीत कुमार पचनंदा ने रविवार को बीपीएससी की नयी मूल्यांकन पद्धति और साक्षात्कार प्रणाली की जानकारी लेने के दौरान इसके संकेत दिये.
दोपहर एक बजे पचनंदा बिहार लोक सेवा आयोग पहुंचे और दो घंटे तक बीपीएससी में रहे. इस दौरान सबसे पहले उन्होंने यहां के अधिकारियों से बीपीएससी में उत्तर पुस्तिकाओं और ओएमआर सीट के मूल्यांकन के लिए अपनाये जा रहे डबल कोडिंग सिस्टम की विस्तार से जानकारी ली और इससे होने वाले फायदों को समझा.
उत्तर पुस्तिकाओं की पहचान छुपाने में नयी पद्धति की उपयोगिता से वे बहुत प्रभावित दिखे और सॉफ्टवेयर आधारित कोडिंग से इंटरव्यू बोर्ड के चयन को उन्होंने एक फूलप्रूफ व्यवस्था माना. बोर्ड के सामने परीक्षार्थियों के नाम, क्रमांक, संस्थान का नाम जहां से उसने पढ़ाई की है, जैसे पहचान चिन्हों को छुपाने के निर्णय की भी उन्होंने तारीफ की. सूत्रों की मानें तो यूपीएससी के अध्यक्ष अरविंद सक्सेना ने उन्हें कुछ दिनों पहले बीपीएससी की नयी साक्षात्कार प्रणाली का जायजा लेने के लिए कहा था और इसे देश का पहला लोक सेवा आयोग बताया था जहां इस तरह के व्यापक परिवर्तन किये गये हैं.
दोपहर तीन बजे तक पचनंदा बीपीएससी कार्यालय में रहे और इस दौरान बीपीएससी अध्यक्ष शिशिर सिन्हा से भी उनकी लंबी बातचीत हुई, जिसमें सिन्हा ने यहां किये गये बदलावों से संबंधित अपने अनुभव को उनसे साझा किया और प्राप्त परिणामों के बारे में विस्तार से बताया. परीक्षा विभाग के उपसचिव संजय कुमार, कंप्यूटर सेक्शन के इंचार्ज शैलेश चंद्र दिवाकर, आयोग के सचिव केशव रंजन प्रसाद और परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार से भी हरियाणा लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष ने बात की.
