पटना : इडी (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम पीएमएलए (प्रीवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट) के मामले में आयकर विभाग में आयुक्त रैंक के अधिकारी नीरज कुमार सिंह का पटना के न्यू पाटलिपुत्रा कॉलोनी स्थित घर की तलाशी नहीं ले पायी.
वर्तमान में मुंबई में पदस्थापित इस अधिकारी का यह घर बंद रहता है. इस वजह से बिना छापेमारी के ही टीम को बैरंग लौटना पड़ा. हालांकि इस घर की देखभाल के लिए एक केयर टेकर आउट हॉउस में रहता तो है. परंतु घर का बड़ा हिस्सा और सभी मुख्य कमरे बंद ही रहते हैं.
बताया जाता है कि जब तक उनके माता-पिता जीवित थे, तब तक वे इस घर में अक्सर रहा करते थे. आयकर अधिकारी नीरज कुमार सिंह मूल रूप से बिहार के ही रहने वाले हैं, लेकिन सालों से वह बाहर ही हैं. बिहार के आयकर महकमे में उनकी कभी पोस्टिंग भी नहीं रही है.
इडी की टीम ने बीते शुक्रवार को जब मुंबई स्थित उनके घर की तलाशी ली, तो पटना और नयी दिल्ली में घर होने की जानकारी मिली. मुंबई और नयी दिल्ली में दो-दो स्थानों पर इडी की टीम ने एक साथ छापेमारी की, लेकिन पटना में उनका घर बंद होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो सकी. घर का मुआयना करने पर यह भी पता चला कि सालों से उनका यहां आना-जाना नहीं है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस आयकर अधिकारी पर इससे पहले भी सीबीआइ ने डीए केस में दो बार कार्रवाई कर चुकी है, लेकिन किसी तरह का कोई सबूत नहीं मिलने से मामला खत्म हो गया.
इस बार इडी एक निजी कंपनी में शारदा चिट फंड घोटाले के पैसे का मनी लॉड्रिंग के जरिये ट्रांसफर करने और फिर इस ब्लैक मनी का इन तक पहुंचने के मामले में जांच कर रही है. इडी को उनकी कई स्थानों पर बेनामी संपत्ति होने का भी पता चला है, जिसकी पुष्टि करने में टीम जुटी हुई है. सूत्र यह भी बताते हैं कि वह एक सांसद के करीबी रिश्तेदार लगते हैं. उनके कुछ करीबी रिश्तेदारों का यहां बड़ा व्यवसायी है.
