पटना : कमजोर केस डायरी से छूट जा रहे हैं तस्कर

तीन सालों में गिरफ्तार हुए मादक पदार्थों के 1700 तस्करों में छूट गये 500 पटना : राज्य में शराबबंदी के बाद मादक पदार्थों की तस्करी में चार से पांच गुणा की बढ़ोतरी हुई है. साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों का खुलासा और तस्करों की गिरफ्तारी भी बड़े स्तर पर हो रही है. […]

तीन सालों में गिरफ्तार हुए मादक पदार्थों के 1700 तस्करों में छूट गये 500
पटना : राज्य में शराबबंदी के बाद मादक पदार्थों की तस्करी में चार से पांच गुणा की बढ़ोतरी हुई है. साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों का खुलासा और तस्करों की गिरफ्तारी भी बड़े स्तर पर हो रही है. परंतु एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांस) एक्ट के तहत गिरफ्तार होने वाले तस्कर बड़ी संख्या में केस डायरी में कई तरह स्तर पर तकनीकी कमियों के कारण बरी हो जा रहे हैं.
थाना स्तर पर इस एक्ट में दर्ज होने वाली एफआइआर और केस डायरी में मुख्य रूप से सर्च, सीजर (जब्ती) और जब्त मादक पदार्थों की सैंपलिंग के कार्यों का उल्लेख सही तरीके से नहीं होने से मुकदमे अदालतों में ठहर नहीं पा रही. इससे अभियुक्तों को जमानत मिल जा रही या वे बरी हो जा रहे हैं. पिछले दो-तीन साल के दौरान अदालतों से करीब पांच सौ आरोपी छूट चुके हैं. शराबबंदी लागू होने के बाद अप्रैल 2016 से अब तक पूरे राज्य में एनडीपीएस एक्ट के तहत एक हजार 650 मामले दर्ज हुए हैं, जिसमें एक हजार 700 तस्करों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इसमें पांच सौ तस्कर सिर्फ कमजोर केस डायरी से छूट गये हैं.
इन कमियों के कारण केस नहीं ठहर पाते
विधि विभाग के स्तर पर एनडीपीएस एक्ट के कई मामलों की केस डायरी की समीक्षा के दौरान कई कमियां सामने आयी हैं. इसमें जब्ती सूची सही तरीके से नहीं बनना, घटना स्थल का जिक्र स्पष्ट नहीं होना, गवाह सही नहीं होना, सुनवाई के दौरान गवाहों का हाजिर नहीं करना जैसे कारण शामिल हैं.
स्पीडी ट्रायल नही हो रहा
इन मामलों का निपटारा स्पीडी ट्रायल के जरिये भी नहीं होता है. इससे राज्य में एनडीपीएस के तहत पिछले 10 सालों से लंबित मामलों की संख्या छह हजार 800 से ज्यादा है. सरकार ने नियम बना रखे हैं कि तस्करों की संपत्ति को भी जब्त करनी है, लेकिन इस लापरवाही के कारण अब तक महज दो-तीन तस्कर की संपत्ति ही जब्त हुई है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >