पटना : डीएम ने एनटीपीसी के बाढ़ संकट प्रबंधन योजना सेंटर का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने आपदा में तत्काल राहत व बचाव कार्य के लिए कम्यूनिकेशन प्लान बनाने का निर्देश दिया. एनटीपीसी के बाढ़ सेंटर द्वारा डीएम के सामने पावर प्वाइंट के माध्यम से पूरी जानकारी दी गयी.
डीएम ने निर्देश दिया कि इस दौरान रासायनिक जैविक व रेडियोधर्मिता के संभावित खतरों और उससे बचाव के साथ-साथ अन्य प्रकार के प्राकृतिक व मानवीय आपदा में बचाव के पहलुओं पर विचार विमर्श किया जाये. उन्होंने बताया कि एनटीपीसी को आसपास अवस्थित अस्पतालों व अन्य संस्थानों की सूची तैयार करने और उनसे समन्वय रखने का निर्देश दिया गया है़ ताकि, किसी भी आपदा के दौरान तत्काल बचाव व राहत का कार्य किया जा सके
उपलब्ध संसाधनों का मांगा विवरण : बैठक के दौरान डीएम ने एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक से कहा कि एनटीपीसी में उपलब्ध संसाधनों की विवरणी जिला प्रशासन को उपलब्ध करायी जाय, ताकि विधि-व्यवस्था एवं आकस्मिकता के दौरान उसका भी बेहतर ढंग से उपयोग किया जा सके. इस संबंध में डीएम ने अगल-बगल के गांव में भी लोगों के बीच जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया. इस दौरान रासायनिक रिसाव, गैस रिसाव एवं प्राकृतिक आपदा और भूकंप आदि के संबंध में विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने का निर्देश दिया गया.
इस बैठक में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन मृत्युंजय कुमार, एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक असीत कुमार मुखर्जी, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन वरीय सलाहकार अजीत कुमार समैयार के साथ अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.
