पटना : गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के रघुनाथ टोला निवासी विकास कुमार (35 वर्ष) ने अपने ऊपर आये कर्ज को चुकाने के लिए खुद से ही अपहरण की साजिश रची थी.
लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे नाकाम कर दिया. पुलिस ने तीन दिन में अपहरण की इस कोशिश को नाकाम करने के साथ ही उसके मंसूबों को नाकाम कर दिया. दरअसल गर्दनीबाग थाने की पुलिस को 1 सितंबर की दोपहर विकास के अगवा करने की खबर मिली. परिजनों ने थाने में अपहरण का केस भी दर्ज कराया. जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया और उसे बरामद कर लिया.
ट्रेन पकड़ भाग गया कोलकाता, होटल से गिरफ्तार : जानकारी देते हुए सिटी एसपी मध्य विनय तिवारी ने बताया कि विकास अनिसाबाद स्थित ब्रह्मपुर में साइबर कैफे चलाता है.
कैफे खोलने के लिए उसने डेढ़ लाख रुपये एक दोस्त से कर्ज लिया. लेकिन कर्ज की रकम अदा करने के लिए वह लगातार अपने पिता से रुपये की डिमांड कर रहा था.
पिता ने मना कर दिये तो वह खुद के अपहरण की साजिश रच कोलकाता भाग गया. वहां खुद की मोबाइल से अपनी पत्नी व पिता को फोन कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने लगा. पिटाई का फोटो एडिट कर वाट्सअप पर भेजा ताकि घर वाले परेशान होकर रुपये दे दे. पुलिस को शक होने के बाद टीम गठित हुई और कोलकाता भेज रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया.
पिता के पैसे रखने की थी जानकारी
बातचीत के दौरान विकास ने कहा कि पिता के पास सात लाख रुपये है. इसकी जानकारी उसको लग गयी थी. रुपये की डिमांड भी उसने अपने पिता से किया लेकिन नहीं देने के बाद उसने खुद की अपहरण की साजिश रच घर वालों को परेशान किया. पुलिस ने उसके पूछताछ के लिए हिरासत में लिये साइबर कैफे के दोनों स्टाफ राहुल व सौरभ को छोड़ दिया गया. वहीं विनय तिवारी ने कहा कि पुलिस विकास के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने जा रही है. कोर्ट आदेश देती है तो उसे जेल भेज दिया जायेगा.
