पटना : पीरबहोर थाना इलाके के अशोक राजपथ सब्जीबाग में स्थित बिहार आवामी कॉपरेटिव बैंक लिमिटेड में एक गड़बड़ी का मामला सामने आया है. खुसरूपुर की महिला व बिदुपुर प्रखंड में एक्जिक्यूटिव असिस्टेंट मधु सिन्हा (खुसरूपुर निवासी) ने 70 ग्राम साेने के गहने को जमा कर 82 हजार का लोन लिया था. लेकिन लोन चुकता करने के बाद जब उन्हें सोने के गहने वापस किये गये तो उसमें सात ग्राम सोना कम था.
गहने पुराने थे लेकिन उसे भी पॉलिश मार कर चमका दिया गया था. मधु सिन्हा ने इस संबंध में पीरबहोर थाने में शिकायत की और एसआइ मुकेश कुमार ने बैंक प्रशासन से संपर्क किया. इसके बाद पुलिस के समक्ष भी गहनों का वजन किया गया तो 70 ग्राम साेने के बदले मात्र 63 ग्राम पाये गये. इस संबंध में पुलिस कार्रवाई कर रही है.
दूसरी ओर बैंक प्रशासन ने भी अपनी गलती मानी और सात ग्राम सोने की कीमत अदा करने और दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की जानकारी दी. बैंक मैनेजर तनवीर अहमद ने बताया कि गड़बड़ी हुई है और दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की जायेगी. मौके पर मौजूद सब इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि गड़बड़ी पायी गयी है. आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
2016 में लिये थे दो गोल्ड लोन
मधु सिन्हा ने बताया कि उन्होंने 2016 में दो गोल्ड लोन लिया था. एक गोल्ड लोन में 48 ग्राम सोने के गहने को जमा किया था. उस लोन को चुकता कर दिया गया है. जमा गहनों की जब वजन करायी गयी थी तो 32 ग्राम ही आया था. इस संबंध में जब बैंक प्रशासन को शिकायत की तो कोई कार्रवाई नहीं की गयी और उन्हें ही गलत बता दिया गया.
चुंकि उस समय वे हस्ताक्षर कर अपना गहना ले गयी थी तो कानूनन कुछ नहीं कर पायी. लेकिन दूसरे गोल्ड लोन को चुकता करने के समय सतर्क थी. इसके लिए उन्होंने पुलिस से मदद ली और फिर सीलबंद सोने के गहनों का वजन करवाया. उन्होंने लोन लेने के समय 70 ग्राम सोने के गहने जमा कराये थे. लेकिन वजन के बाद 63 ग्राम निकला. सारे गहने पुराने और गंदे थे.
