बिहार के सीमांचल और पश्चिम बंगाल में भी हो एनआरसी : राकेश सिन्हा

पटना : भाजपा के राज्यसभा सदस्य और आरएसएस के पदाधिकारी राकेश सिन्हा ने बिहार के सीमावर्ती इलाके में एनआरसी की वकालत की है. सोमवार को उन्होंने कहा कि बिहार के साथ ही पश्चिम बंगाल में भी असम के तर्ज पर एनआरसी की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बिहार के सीमावर्ती जिलों में जिस प्रकार आबादी […]

पटना : भाजपा के राज्यसभा सदस्य और आरएसएस के पदाधिकारी राकेश सिन्हा ने बिहार के सीमावर्ती इलाके में एनआरसी की वकालत की है. सोमवार को उन्होंने कहा कि बिहार के साथ ही पश्चिम बंगाल में भी असम के तर्ज पर एनआरसी की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बिहार के सीमावर्ती जिलों में जिस प्रकार आबादी बढ़ती जा रही है, उससे साबित होता है कि यहां पर बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक आकर बस गये हैं. कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया और अररिया जिलों के नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि यहां एनआरसी की सख्त जरूरत है. उन्होंने पश्चिम बंगाल का भी हवाला दिया और वहां भी एनआरसी की जरूरत बतायी.
असम सरकार को 17600 बिहारियों की जानकारी भेजनी बाकी
पटना : असम में रहने वाले लगभग 17 हजार 600 ऐसे बिहारी हैं, जिनके बारे में अब तक बिहार से जानकारी नहीं भेजी गयी है. अब एनआरसी की लिस्ट में उनका नाम नहीं होने के कारण उनको समस्या हो गयी है. जानकारी के अनुसार राजस्व व भूमि सुधार विभाग को अब तक जिलों से रिपोर्ट नहीं आयी है. इस कारण उनकी रिपोर्ट अब तक असम सरकार को नहीं भेजी गयी है. विभाग के अधिकारियों के अनुसार 15 दिनों के अंदर जिलों से आयी रिपोर्ट को भेज दिया जायेगा, जिससे उनको राहत मिलेगी.
14 हजार के रिकॉर्ड अस्पष्ट : विभाग के अधिकारियों के अनुसार असम की ओर से लगभग 73 हजार 274 बिहारियों के नाम व पते को लेकर जानकारी मांगी गयी थी. इनमें लगभग 50 हजार बिहारियों की जानकारी लेने के लिए विभाग ने जिलों में डाटा भेज दिया था.
इसके अलावा लगभग नौ हजार व्यक्तियों की जानकारी विभिन्न विभागों से मांगी गयी थी. जबकि विभाग के अनुसार 14 हजार ऐसे रिकॉर्ड भेजे गये थे, जिनमें नाम व पते के बारे में जानकारी अस्पष्ट थी. कई लोगों के नामों में दोहराव था. जानकारी है कि अब तक 41 हजार 600 व्यक्तियों की जानकारी भेज दी गयी है. अब शेष की जानकारी भेजी जानी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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