मिट्टी धंसने से पइन में डूब कर दो बच्चों की मौत, मचा कोहराम

मोकामा : पइन में कंकड़ मार रहे दो ममेरे-फुफेरे भाइयों की पानी में डूबकर जान चली गयी. घोसवरी थाने के पैजुना में चौहरमल मंदिर के पास सोमवार को यह हादसा हुआ. मंगलवार की सुबह ग्रामीणों ने जुटकर पइन से शव को बाहर निकाला. मृत बच्चों में प्रिंस कुमार (08) पिता बिरेंद्र पासवान (पैजुना, घोसवरी निवासी) […]

मोकामा : पइन में कंकड़ मार रहे दो ममेरे-फुफेरे भाइयों की पानी में डूबकर जान चली गयी. घोसवरी थाने के पैजुना में चौहरमल मंदिर के पास सोमवार को यह हादसा हुआ. मंगलवार की सुबह ग्रामीणों ने जुटकर पइन से शव को बाहर निकाला. मृत बच्चों में प्रिंस कुमार (08) पिता बिरेंद्र पासवान (पैजुना, घोसवरी निवासी) और राजकुमार (12) पिता स्व मिथिलेश पासवान (मीरनगर, सरमेरा, नालंदा निवासी) शामिल हैं. दोनों बच्चे सोमवार की सुबह 10 बजे घर से निकले थे.

शाम तक वापस नहीं लौटे. परिजनों ने अनहोनी की आशंका पर बच्चों की खोजबीन शुरू की. इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि दोनों बच्चे पइन किनारे बैठकर पानी में कंकड़ मार रहे थे. परिजन पइन के पास पहुंचे, लेकिन रात की वजह से उन्हें पता नहीं चल सका. सुबह में लोगों ने खोजबीन कर दोनों बच्चों के शव को बाहर निकाला.
घोसवरी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की. अनुमान लग रहा है की पइन किनारे की मिट्टी अचानक धंस गयी और किनारे पर बैठे दोनों बच्चे पइन में गिरकर गहरे पानी में डूब गये. मृत राजकुमार घर का इकलौता चिराग था. उसकी मौत की सूचना से मां अनीता देवी बेसुध होकर गिर पड़ी. ग्रामीणों ने बताया कि हादसे में राजकुमार के पिता की भी मौत हो चुकी है.
वह अपनी तीन बहनों से बड़ा था. वहीं पिता की मौत के बाद अनीता के लिए वह सहारा बना था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था. रक्षा बंधन को लेकर राज अपनी मां के साथ ननिहाल आया था. उसकी मौत से अनीता देवी की सारी दुनिया उजड़ गयी. उसे ढांढ़स बंधाने के लिए मौके पर मौजूद महिलाएं हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी. इधर मृत बच्चे के पैतृक गांव मीरनगर से भी दर्जनों लोग घटनास्थल पर पहुंचे.
सर्प दंश से मां-बेटी की मौत
फतुहा. थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव में सर्प दंश से मां-बेटी का मौत हो गयी. सैदपुर गांव निवासी अजय साव की पत्नी सोनी देवी व उसकी बेटी सोनम (9 वर्ष) घर में सोयीं थी उसी समय विषैले सर्प ने दोनों को डंस लिया. परिजन इलाज के लिए पीएचसी ले गये जहां से एनएमसीएच ले जाया गया जहां दोनों कि मौत हो गयी.
घर का इकलौता चिराग था 12 वर्ष का राजकुमार
चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था आठ वर्ष का प्रिंस
मुआवजे के िलए हंगामा
बच्चों के शवों को पुलिस पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी कर रही थी. इसी बीच ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया. वहीं शवों को जब्त करने से रोक दिया. मृत बच्चों के आश्रितों को अविलंब मुआवजा देने की ग्रामीण मांग कर रहे थे. थानेदार ने लोगों को समझा-बुझा कर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हुए.
इसको लेकर पइन किनारे तकरीबन तीन घंटे तक बच्चों का शव पड़ा रहा. सीओ ने पहुंचकर चार-चार लाख रुपये मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया. स्थानीय मुखिया ने भी मृतकों के परिजन को 10 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग किया. तब जाकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका.

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