अमित कुमार
पटना : पटना लॉ कॉलेज में ही अब ‘अदालत’ लगेगी. कॉलेज में ही अदालत में केस की पूरी प्रोसिडिंग भी होगी. केस की ड्राफ्टिंग होगी और बकायदा वकील केस लड़ते नजर आयेंगे. देखने से कोई नहीं कह सकेगा कि यह अदालत नहीं है.
सबकुछ ठीक वैसे ही होगा जैसे असल के अदालतों में होता है. मूट कोर्ट के जरिये छात्रों को ठीक वैसे ही फीलिंग आयेगी, जैसा कि वे कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे हैं. प्रैक्टिकली उन्हें केस लड़ना सिखाया जायेगा, जैसे किसी अदालत में होता है. कॉलेज के नये बने शताब्दी भवन में इसके लिए जगह दी गयी है. यहां टेबल, कुर्सियां आदि बिल्कुल कोर्ट की तरह ही लगाये जा रहे हैं. बिल्कुल अदालत का लुक दिया जा रहा है.
क्या होता है मूट कोर्ट : मूट कोर्ट में कई नये-पुराने केस को आधार बनाकर प्रोसिडिंग चलती है. रियल के की तरह ही कॉलेज के शिक्षक जज होते हैं और स्टूडेंट्स एडवोकेसी करते हैं. या कई बार छात्र ही जज होते हैं और छात्र ही वकील.
कोर्ट की तरह ही वहां रजिस्ट्रार के बैठने की जगह, कटघरा, टेबल-कुर्सियां लगी होती हैं. आमलोगों के लिए भी कुर्सियां होती हैं. फाइलें होती है. वर्तमान में छात्रों को नये बने सभागार में इसके लिए जगह दी गयी है और रिहर्सल शुरू भी हो गया है. बाद में उसे और डेवलप करने किया जायेगा और पूरी तरह से ‘अदालत’ की शक्ल दे दी जायेगी, इससे छात्रों को कोर्ट जैसी फीलिंग अपने ही कॉलेज में आयेगी. इससे पहले यह सुविधा छात्रों को नहीं मिल रही थी. छात्र क्लास में ही कभी-कभार रिहर्सल कर लेते थे.
लॉ कॉलेज में किये गये कई सुधार : लॉ कॉलेज में विगत दिनों में कई तरह के सुधार किये गये हैं. इसका छात्र भी जिक्र करते हैं. लॉ कॉलेज में एक समय में बिल्कुल ही कक्षाएं नहीं होती थीं लेकिन अब स्थिति बेहतर हुई है.
कॉलेज में पांच शिक्षक आये हैं और पांच पहले से थे. इसके अतिरिक्त एडहॉक शिक्षक भी पढ़ा रहे हैं. पांच गेस्ट फैकल्टी का साक्षात्कार हो चुका है जल्द ही वे ज्वाइन करेंगे. पार्ट टाइम शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया भी जारी है. रूटीन में प्रतिदिन चार क्लास हो रहे हैं. तीन सेक्शन में बांट कर हर सेक्शन में सौ छात्र पढ़ रहे हैं. पहले एक-दो क्लास ही बमुश्किल होते थे. परीक्षाओं में भी सुधार हुए हैं. नकल की प्रवृति कम हुई है. हालांकि अभी इसमें और सुधार की आवश्यकता है.
कॉलेज में कई तरह के सुधारों के तहत मूट कोर्ट को भी शुरू किया गया है. उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसे पूरी तरह से अदालत का लुक दे दिया जायेगा. छात्रों के लिए यह काफी लाभदायक है. इससे उनके भीतर प्रोफेशनलिज्म आयेगी और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा.
मो शरीफ, प्राचार्य, पटना लॉ कॉलेज
