तेजस्वी ने विधायकों को 15 हजार सदस्य बनाने का िदया टास्क, कहा
पटना : तेजस्वी यादव ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा है कि माय समीकरण से ऊपर उठकर अतिपिछड़ों पर फोकस करें और सभी जाति व धर्म के लोगों को राजद की सदस्यता अभियान से जोड़ें. उन्होंने राजद के प्रत्येक विधायकों को कम से कम 15 हजार और प्रत्येक पदाधिकारी को पांच हजार सदस्य बनाने का टास्क दिया है. साथ ही 31 अक्तूबर तक कम से कम 50 से 75 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
वहीं तेजस्वी ने जदयू के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह पर पैसे लेकर नेताओं को एमएलसी का पद बांटने का आरोप लगाया. वे रविवार को राजद सदस्यता महाभियान की समीक्षा बैठक को संबाेधित कर रहे थे. इसका आयोजन पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास पर किया गया था. इस दौरान राबड़ी देवी मौजूद रहीं. तेजस्वी ने बाद में विभिन्न प्रकोष्ठों के अधिकारियों के साथ भी बैठक की.
उन्होंने कहा कि पटना में रहने के दौरान आम लोगों और कार्यकर्ताओं से प्रत्येक दिन शाम पांच से सात बजे तक राबड़ी देवी के आवास पर मिलेंगे. उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर कहा कि वहां अघोषित इमरजेंसी है. बिहार में गरीब विरोधी सरकार है. लोगों को न्याय दिलाने के लिए पहली बार रात में धरने पर बैठना पड़ा. पार्टी की ऑनलाइन सदस्यता अभियान के तहत राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने भी सदस्यता ग्रहण की.
आरसीपी पर लगाया आरोप : तेजस्वी यादव ने जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा में पार्टी संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे पैसे लेकर नेताओं को एमएलसी का पद बांट रहे हैं. यह प्रमाणित तब हो गया, जब दिल्ली गयी बाढ़ की एएसपी लिपि सिंह जदयू एमएलसी की गाड़ी से कोर्ट गयीं. जदयू एमएलसी ने यह गाड़ी आरसीपी सिंह को दी है. ऐसे मुद्दों पर सीएम नीतीश कुमार कोई कार्रवाई नहीं करते हैं. सुशील मोदी भी भ्रष्टाचार पर कुछ नहीं बोलते हैं.
नहीं दिखे वरिष्ठ नेता : बैठक में रघुवंश प्रसाद सिंह, अब्दुल बारी सिद्दीकी, जगदानंद सिंह, शिवानंद तिवारी शामिल नहीं हुए. हालांकि, इस बारे में पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह बैठक वरिष्ठ नेताओं के लिए नहीं थी, इसलिए उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया था. बैठक के दौरान प्रधान महासचिव आलोक मेहता, तनवीर हसन, विजय प्रकाश, चितरंजन गगन, निर्भय आंबेडकर, भाई अरुण आदि मौजूद रहे.
