पटना : पटना शहर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए शुक्रवार की रात डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेेय निकले. हालांकि निकलने से पूर्व उन्होंने पटना पुलिस को एक चैलेंज दिया था कि वे हेलमेट पहन कर निकलेंगे और उन्हें खोज कर दिखाएं. वे छह बजे शाम से लेकर दस बजे तक चार घंटे शहर की सड़कों पर रहे, लेकिन पटना पुलिस की टीम उन्हें खोज नहीं पायी.
इसके बाद वे बाइक से कारगिल चौक पर पहुंचे. बाइक उनका सुरक्षा गार्ड चला रहा था और वे खुद पीछे बैठे हुए थे. ऐसा लग ही नहीं रहा था कि डीजीपी गुजर रहे हैं. वे अचानक ही जब कारगिल चौक पर कई इलाकों का भ्रमण करते हुए पहुंचे तो वहां हड़कंप मच गया. उन्होंने यहां पुलिसकर्मियों से बात की और मुस्तैदी से ड्यूटी करने की सलाह दी. डीजीपी की मौजूदगी में वाहन चेकिंग अभियान भी चला. इसमें चार-पांच बाइक सवार पकड़े गये.
इसके बाद उन्होंने खुद ही कारगिल चौक पर पहुंचने की जानकारी सिटी एसपी मध्य विनय कुमार तिवारी को दी, तो वे आनन-फानन में पहुंचे. खास बात यह है कि स्थानीय पुलिस को भी उनके आने की भनक नहीं लगी.
लेकिन जैसे ही डीजीपी कारगिल चौक पर पहुंचे तो गांधी मैदान व पीरबहोर थाने की पुलिस भी सूचना मिलने पर पहुंच गयी. इसके बाद डीजीपी सिटी एसपी मध्य विनय कुमार तिवारी के ही गाड़ी पर बैठ कर शहर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने निकले. उन्होंने विशेष कर कदमकुआं, गांधी मैदान, पीरबहोर, बुद्धा कॉलोनी, कोतवाली आदि थाना क्षेत्रों का निरीक्षण किया.
आगे-पीछे थे डीजीपी के सुरक्षा गार्ड
बताया जाता है कि डीजीपी के आगे व पीछे सुरक्षा गार्ड थे जो उन्हें सुरक्षा दे रहे थे. सभी पुलिसकर्मी सादे लिबास में थे. जिसके कारण पुलिस को या आम लोगों को थोड़ा सा भी महसूस नहीं हुआ कि डीजीपी बाइक से जा रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि डीजीपी ने अपने निरीक्षण के दौरान कई ऐसे इलाकों की भी पहचान की है, जहां लफंगों का जमावड़ा लगा रहता है. करीब 54 जगहों की पहचान की गयी है और वहां पर एक-एक पुलिस के जवान की तैनाती भी कर दी गयी है.
