पटना : बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 776 नर्सिंग होम और पैथोलाजिकल लैब को बायो-मेडिकल वेस्ट के तकनीकी और वैधानिक प्रबंधन करने में कोताही बरतने पर उन्हें बंद करने का नोटिस जारी किया है.
क्लोजर नोटिस पाने वाले चिकित्सा संस्थानों में पटना जिले के 284 स्वास्थ्य सुविधा केंद्र, 252 डेंटल क्लिनिक तथा 240 डायग्नोस्टिक सेंटर व पैथोलॉजिकल लैब शामिल हैं. इन चिकित्सा संस्थाओं को जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2016 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1086 के प्रावधानों का उल्लंघन का दोषी माना गया है.
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने माना है कि इन संस्थाओं की गतिविधियां पर्यावरण कानूनों के अनुकूल नहीं हैं. उल्लेखनीय है कि जैव चिकित्सा अपशिष्टों का निबटान ‘सामूहिक उपचार केंद्र’ के माध्यम से ही कराने की व्यवस्था दी गयी है. राज्य में वर्तमान समय मेें चार सामूहिक उपचार केंद्र क्रमश: पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर एवं गया में स्थापित हैं. बोर्ड ने डेंटल एवं डायग्नोसिस सेंटर्स पर पहली बार कार्रवाई की है.
