शहरों को नमामि गंगे प्रोजेक्ट के दायरे में लाया जायेगा
पटना : राज्य में गंगा के साथ-साथ दूसरी नदियों के किनारे बसे 15 शहरोें को नमामि गंगे प्रोजेक्ट के दायरे में लाया जायेगा. इन शहरों में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवरेज पाइप लाइन व रिवर फ्रंट डेवलपमेंट यानी सीवरेज इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होगा.
नेशन मिशन ऑफ क्लीन गंगा योजना में सूबे के सात नदियों के 15 शहरों में प्रोजेक्ट चलाने की स्वीकृति केंद्र सरकार की ओर से मिली है. बड़ी बात यह है कि पहले से चल रही विभिन्न प्रोजेक्टों के साथ योजना का आकार बढ़कर 5706.56 करोड़ रुपये का हो गया है.
जो नगर विकास व आवास विभाग की ओर से चल रही योजनाओं जैसा बड़ा है. जानकारी के अनुसार स्वीकृति 45 योजनाओं में 5193.16 करोड़ की 28 योजना सीवरेज इंफ्रास्टक्चर, 336.73 करोड़ में रिवर फ्रंट डेवलपमेंट और 126.51 करोड़ की लागत से दस घाट व क्रिमोटेरिया का भी निर्माण किया जाना है.
इन नदियों पर स्थित शहरों को मिलेगा फायदा : कोसी नदी के किनारे स्थित सहरसा, सुपौल, मधेपुरा शहर हैं. इसके अलावा बूढ़ी गंडक नदी के किनारे मुजफ्फरपुर, मोतिहारी व समस्तीपुर और महानंदा नदी के किनारे किशनगंज शहर है. वहीं, सोन नदी पर स्थित डेहरी, दाउदनगर व अरवल शहर. गंडक नदी के किनारे गोपालगंज व बगहा तथा किऊल नदी के किनारे लखीसराय व जमुई, बागमती नदी के समीप स्थित दरभंगा शहर में सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाना है.
इसमें एसटीपी, सीवरेज लाइन व रिवर फ्रंट बनाने का काम होगा. इसके अलावा रक्सौल, नरकटियागंज, हरिनगर व जोगबनी शहर में भी सीवरेज योजनाएं प्रस्तावित की गयी हैं.
पटना के दो नालों पर बायो-रिमेडीएशन का काम
राज्य के अन्य शहरों के अलावा राजधानी के दो बड़े नालों में भी बायो-रिमेडीएशन का काम किया जाना है. इसकी योजनाएं भी स्वीकृत हो चुकी हैं. इनमें दानापुर व राजापुर नाले पर 3.16 करोड़ की लागत से प्रोजेक्टबैठाया जायेगा, जिसमें पानी का जैव उपचार करने का काम होगा.
योजनाओं पर लगनी है मुहर
कहलगांव, मनिहारी, दिघवारा, तेघरा, जमालपुर, बड़हिया शहरों में सीवरेज इंफ्रास्टक्चर की योजना पर स्वीकृति के लिए प्रक्रिया में हैं. जबकि, बक्सर में रिवर फ्रंट व एसटीपी को दोबारा से स्वीकृत किया जा रहा है.
गंगा समिति का गठन
सीवरेज से लेकर नदी संबंधित जितनी भी योजनाएं पूरी होंगी या चल रही हैं, इनकी निगरानी के लिए जिला गंगा समिति का भी गठन किया जाना है. इसमें आठ जिले पटना, बक्सर, भोजपुर, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, दरभंगा व कैमूर में समिति गठित की जा चुकी है. जबकि, पूर्वी चंपारण को छोड़कर 29 जिलों में गंगा समिति का गठन का प्रस्ताव एनएमसीजी को भेजा गया है.
शहर राशि
सुल्तानगंज 60.22
बाढ़ 58.27
नवगछिया 60.79
मोकामा 53.81
हाजीपुर 305.19
भागलपुर 254.13
बेगूसराय 230.06
सोनपुर 30.93
छपरा 236.13
मनेर 41.36
फतुहा 35.49
बख्तियारपुर 38.88
खगड़िया 31.7
दानापुर 103.27
फुलवारी 46.25
मुंगेर 294.02
