पटना : राज्य के आइटीआइ संस्थानों से पढ़ाई करने वाले छात्रों को अब तुरंत नौकरी भी लग जायेगी. देश के सभी आइटीआइ कॉलेजों में डुअल सिस्टम ट्रेनिंग लागू करने का लाभ बिहार के छात्रों को भी मिलेगा. राज्य सरकार ने प्रदेश में कार्यरत सभी छोटी-बड़ी कंपनियों के साथ करार करने का फैसला किया है.
इसके तहत राज्य के आइटीआइ संस्थानों के छात्रों को पढ़ाई खत्म करने के बाद इन कंपनियों में डुअल सिस्टम ट्रेनिंग दी जायेगी. ट्रेनिंग पूरी करने के बाद बेहतर परफॉर्मेंस करने वालों को नौकरी भी मिलेगी. छात्र डुअल सिस्टम ट्रेनिंग किसी फैक्ट्री में कर पाएं, इसके लिये निबंधित छोटी-बड़ी सभी फैक्टरियों और कंपनियों का डाटाबेस तैयार हो रहा है, जहां इनको पूरी ट्रेनिंग मिल सके. चालू सत्र 2019-20 से यह लागू हो जायेगा.
बिहार में नियम लागू होने पर कॉलेज करेंगे फैक्टरियों से एमओयू : बिहार में डुअल सिस्टम ट्रेनिंग लागू होने के बाद सभी आइटीआइ कॉलेजों को फैक्टरी या किसी कंपनी के साथ एमओयू साइन करना है. छात्रों को कॉलेज कैंपस से चयन करने के बाद कंपनियां ट्रेनिंग देंगी और उसके बाद उनको उनके ट्रेड के मुताबिक नौकरियां भी मिलेंगी.
क्या है डुअल सिस्टम ट्रेनिंग : डुअल ट्रेनिंग सिस्टम के तहत छात्रों को कॉलेज में थ्योरी पढ़ने के बाद फैक्टरी में जाकर छह या नौ माह तक काम करना होगा. वहां काम करने के दौरान आनेेवाली परेशानियों को खुद दूर करना होगा. वहीं कंपनी में कैसे काम होता है, समझ कर प्रोजेक्ट भी बनाना होगा.
