2024 से पटना में दौड़ेगी मेट्रो ट्रेन, तीन महीने के अंदर शुरू होगा निर्माण कार्य

बोर्ड की बैठक में दिल्ली मेट्रो को काम साैंपने का निर्णय पटना : पटना मेट्रो रेल निर्माण का पूरा काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन करायेगा. पटना मेट्रो कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएमआरसीएल) के बोर्ड की बुधवार को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी. साथ ही बोर्ड ने जापानी एजेंसी जायका से सस्ता कर्ज लेने […]

बोर्ड की बैठक में दिल्ली मेट्रो को काम साैंपने का निर्णय
पटना : पटना मेट्रो रेल निर्माण का पूरा काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन करायेगा. पटना मेट्रो कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएमआरसीएल) के बोर्ड की बुधवार को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी. साथ ही बोर्ड ने जापानी एजेंसी जायका से सस्ता कर्ज लेने के प्रस्ताव को भी स्वीकृत कर दिया.
पीएमआरसीएल में 191 कर्मियों के पद स्वीकृत हैं. लेकिन अब दिल्ली मेट्रो कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएमआरसीएल) को काम सौंपे जाने के बाद पीएमआरसीएल में आवश्यक 30 तकनीकी पदों पर ही नियुक्ति होने की संभावना है. बोर्ड द्वारा पारित प्रस्ताव की जानकारी गुरुवार को सरकार को भेज दी जायेगी. कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद डीएमआरसीएल के साथ इस संबंध में करार किया जायेगा. इसके बाद तीन माह के अंदर काम शुरू हो जायेगा.
पटना मेट्रो का निर्माण कार्य वर्ष 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. बोर्ड की बैठक के बाद पीएमआरसीएल के चेयरमैन सह नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने बताया कि डीएमआरसीएल के अनुभव को देखते हुए पटना मेट्रो के दोनों कॉरिडोरों का काम उसे सौंपने पर बोर्ड ने सहमति दे दी है. उन्होंने बताया कि डीएमआरसीएल सामान्यत: मेट्रो निर्माण के लिए लागत का छह प्रतिशत खर्च लेती है. लेकिन पटना मेट्रो के 16.94 किमी लंबे पहले कोरिडोर के निर्माण की लागत का पांच प्रतिशत, जबकि 14.45 किमी लंबे दूसरे कोरिडोर के निर्माण की लागत का छह प्रतिशत खर्च उसे दिया जायेगा.
इस तरह उसे कुल 511.88 करोड़ रुपये का भुगतान किया जायेगा. इसके पूर्व केंद्र व राज्य सरकार द्वारा प्रोजेक्ट लागत की दी गयी 20%-20% की राशि से काम शुरू हो जायेगा. काम शुरू करने के पहले डीएमआरसीएल को मोबलाइजेशन फंड के रूप में 25 करोड़ रुपये दिये जायेंगे, जबकि काम के अनुसार हर तीन माह पर भुगतान किया जायेगा. उन्होंने बताया कि डीएमआरसीएल का अब तक का रिकॉर्ड रहा है कि वह तय समय सीमा और निर्धारित खर्च से कम राशि में मेट्रो का निर्माण कार्य पूरा करती है. डीएमआरसीएल से एमओयू होने के बाद मेट्रो की डीपीआर के अनुसार एलाइनमेंट को अंतिम रूप दिया जायेगा. इसमें आंशिक परिवर्तन की संभावना है.
पीएमआरसीएल के चेयरमैन चैतन्य प्रसाद ने बताया कि जायका से कर्ज लेने पर सहमति दी गयी है, जो 40 साल के लिए कर्ज देती है. उसके कर्ज पर ब्याज की दर 0.2% है और इसका भुगतान 12 साल के बाद शुरू होता है. एक साल के अंदर जायका से कर्ज मिलने की संभावना है.

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