फाइलेरिया उन्मूलन के लिए घर-घर खिलायी जायेगी दवा
पटना सिटी : लिम्फैटिक फाइलेरियासिस के संक्रमण से बचाव के लिए सूबे के 17 जिलों में सात अगस्त से 14 दिनों के एमडीए अर्थात मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन राउंड चलाया जायेगा. इसके तहत स्वास्थ्यकर्मी व आशा के साथ आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका के माध्यम से घर-घर जाकर दवा खिलाने का कार्य कराया जायेगा. इसकी जानकारी शनिवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी फाइलेरिया डॉ राजनंदन प्रसाद ने दी. संवाददाता सम्मेलन में डब्ल्यूएचओ के डॉ राजेश पांडे भी उपस्थित थे.
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि बिहार के 17 जिलों में बेगूसराय, भागलपुर, बक्सर, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गया, जहानाबाद, कैमूर, जमुई, खगड़िया, मधेपुरा, पटना, मुजफ्फरपुर, सारण, शेखपुरा, सीवान व सुपौल में यह अभियान चलेगा.
यह अभियान सूबे के 24 जिलोंे में चलना था. इनमें पांच जिलाें सीतामढ़ी, अररिया, सहरसा, कटिहार व गोपालगंज बाढ़ प्रभावित हैं, जबकि दो जिले बांका व मुंगेर में श्रावणी मेले की वजह ये यहां बाद में अभियान चलाया जायेगा.
अधिकारी ने बताया कि दवाओं का सेवन दो वर्ष के बाद के बच्चे से लेकर वृद्ध तक कर सकते हैं, जबकि गर्भवती व गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को दवा नहीं खिलानी है.घर-घर जाकर दवा खिलाने के 14 दिनों के अभियान में छह दिन दवा घर-घर जाकर खिलाने के उपरांत सातवें दिन छूटे घरों के लाभार्थियों को इसका लाभ दिया जायेगा. इसी प्रकार 14 वें दिन भी यही प्रक्रिया अपनायी जायेगी.
सूबे के 30 जिलों में फाइलेरिया (हाथीपांव) रोग से ग्रस्त लोगों की संख्या लगभग चार लाख है. अभियान के दरम्यान मरीजों को दो दवा खिलायी जायेगी. अधिकारी ने बताया कि नौ करोड़ 70 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है. यह अभियान साल में एक बार चलता है. बिहार में पहली बार 14 दिनों का अभियान चलेगा.
