पटना : अगले पंद्रह दिनों में राज्य में मनरेगा के तहत ग्रामीण विकास विभाग की ओर से पचास लाख पौधे लगाये जायेंगे. इनमें सड़कों के किनारे 20 लाख पौधे लगाये जायेंगे. जबकि, बाकी के 30 लाख सरकारी जमीन या निजी जगहों पर लगाये जायेंगे. पचास लाख के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी पंचायतों में एक से पंद्रह अगस्त के बीच पांच-पांच सौ पौधे लगाये जायेंगे. एक अगस्त से राज्य में वन महोत्सव शुरू होगा. पंद्रह अगस्त तक चलने वाले इस महोत्सव के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने व्यापक तैयारी की है. ग्रामीण सड़कों के किनारे फलदार वृक्षों के पौधे भी वन महोत्सव के दौरान लगाये जायेंगे.
मनरेगा आयुक्त सीपी खंडूजा ने बताया कि विभाग ने 50 लाख पौधा लगाने का लक्ष्य रखा है. पौधों की देखरेख के लिए वन पोषक की जवाबदेही हाेगी. निजी जमीन पर लगाये गये दो सौ पौधे की देखरेख पर की जिम्मेदारी एक वन पोषक की होगी.
जबकि, सरकारी भूमि के लिए सौ पौधे पर एक वन पोषक होंगे. वन महोत्सव में फलदार पौधे भी लगाये जायेंगे. आहर, पइन, नदी, तालाब आदि के किनारे जामुन के पौधे लगेंगे. इसके अलावा आम, आंवला, अमरूद, कटहल, शीशम, सागवान, गम्हार, पीपल, बर, नीम आदि के भी पौधे लगाये जायेंगे. वन पोषक मनरेगा जॉब कार्डधारी होंगे. एक वन पोषक को हर महीने 177 रुपये प्रतिदिन के हिसाब आठ दिन की मजदूरी मिलेगी. महीने में 1416 रुपये मिलेंगे. यह व्यवस्था पांच साल के लिए लागू होगी.
वन महोत्सव में बेहतर काम करने वाले होंगे सम्मानित : वन महोत्सव में बेहतर योगदान देेने वाले सरकारी अधिकारियों व पदाधिकारियों सहित विधायक, विधान पार्षद व मुखिया को ग्रामीण विकास विभाग समारोह पूर्वक सम्मानित करेगा. पिछले साल सर्वाधिक पौधरोपण करने वाले जिला बेगूसराय को विभाग द्वारा सम्मानित किया गया था.
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि अभियान की शुरुआत पटना में मुख्यमंत्री और जिलों में वहां के प्रभारी मंत्री करेंगे. मंत्री ने कहा कि अभियान में जनप्रतिनिधियों से लेकर सरकारी, गैरसरकारी कर्मियों के साथ आम जन का सहयोग मिलेगा, तभी यह सफल हो पायेगा. उन्होंने बताया कि राज्य के सभी सांसदों, विधायकों व विधान पार्षदों के साथ-साथ सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर इस अभियान में योगदान देने का अनुरोध किया गया है.
