4.20 करोड़ रुपये के गबन का मामला
सीबीआइ पहुंचा पटना की विशेष अदालत में
पटना : नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) बाढ़ के निर्माण के समय भवन सामग्रियों का बड़े पैमाने पर गबन करने के मामले में सीबीआइ ने प्राथमिकी दर्ज अनुसंधान प्रारंभ कर दिया है.
सीबीआइ द्वारा दर्ज प्राथमिकी सीबीआइ तीन के विशेष जज प्रजेश कुमार की अदालत में भेज दिया है. सीबीआइ ने अपने दर्ज प्राथमिकी में एनटीपीसी के अज्ञात अधिकारी, सुरक्षा में लगाये गये सीआइएसएफ के अज्ञात कर्मी व अज्ञात निजी व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया है. अनुसंधान के पश्चात ही सीबीआइ गबन में संलिप्त व्यक्तियों का नाम उजागर करेगी.
प्रथम दृष्टया सीबीआइ ने अभी पाया है कि एनटीपीसी बाढ़ के वर्ष 2007 से 2016 तक निर्माण के दौरान कार्यरत पदाधिकारी व कर्मी अपने पद का भ्रष्ट दुरुपयोग करते हुए आपसी षड्यंत्र करके 953.713 मीट्रिक टन टीएमटी सरिया को जाली पास बना कर सीआइएसएफ सुरक्षा कर्मियों के सहयोग से परिसर से बाहर निकाल कर बेचा. उक्त छड़ का बाजार मूल्य अभी 4.20 करोड़ रुपये आंका गया है. सीबीआइ ने उक्त मामला 26 जुलाई 2019 को अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज करते हुए भादवि की धारा 120बी, 409, 420, 467, 468,471 व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं 13 (2) सह पठित धारा 13 (1) व (सी) लगाया है.
