पटना : प्रतियोगी परीक्षा में सेटिंग करने वाले धीरज के गैंग के पकड़े जाने के बाद पुलिस उसके नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गयी है. सबसे पहले 49 एडमिट कार्डों को खंगाला जा रहा है.
उस पर अंकित नाम-पते के आधार पर पुलिस अभ्यर्थियों के तक पहुंचने की तैयारी में है. जो एडमिट कार्ड बरामद हुए हैं, उनमें सबसे अधिक अभ्यर्थी यूपी के हैं. खास करके बनारस और इलाहाबाद के. धीरज की गैंग से इलाहाबाद के रहने वाले हिमांशु ने मिलाया था. हिमांशु ने ही सेटिंग करायी थी. पुलिस हिमांशु को गिरफ्तार करने के लिए यूपी पुलिस कसे मदद ले रही है और एक टीम यूपी भेजने की तैयारी भी है. धीरज ने पुलिस की पूछताछ में बताया है कि 4 लाख रुपये एक अभ्यर्थी से वसूला गया है. पुलिस अन्य जानकारी जुटा रही है.
धीरज के गैंग में हैं कई तकनीकी जानकार : धीरज के गैंग में हर तरह के लोग हैं. कई स्कॉलर हैं जो हर तरह की परीक्षा निकालने में सक्षम हैं. जिनको दूसरे की जगह पर बैठाया जाता है.
इसके अलावा तकनीकी जानकार हैं जो एडमिट कार्ड पर मौजूद फोटो की मिक्सिंग करते हैं. यह गैंग 20-25 लोगों का है. यूपी, बिहार, झारखंड में इनका नेटवर्क है. प्रतियोगी परीक्षा शुरू होते ही यह सक्रिय हो जाते हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं में सेटिंग करके धीरज ने अकूत संपत्ति बनायी है. उसके पास कई बेनामी संपत्ति है. मुंगेर में भी मकान और जमीन है. पुलिस उसके संपत्ति की जांच करायेगी. यह मामला आर्थिक अपराध शाखा को जा सकता है.
मोबाइल फोन को खंगाल रही है पुलिस
धीरज गैंग के मोबाइल फोन को पुलिस ने जब्त किया है. पुलिस मोबाइल को खंगाल रही है. खास करके धीरज के मोबाइल पर पुलिस की नजर है. धीरज के कांट्रेक्ट किससे हैं, यह जानने का प्रयास कर रही है. सही ढंग से अगर जांच होगी तो कई लोगों के फंसने की उम्मीद है.
