पटना : जदयू द्वारा तीन तलाक िबल का िवरोध करने को लेकर डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने पत्रकारों से कहा कि सभी दलों के अलग-अलग एजेंडे होते हैं और कोई भी पार्टी अपने एजेंडे पर चलती है. वहीं, इसे मुद्दे पर उन्होंने ट्विट कर कहा िक सुप्रीम कोर्ट ने लंबी बहस के बाद दो साल पहले फैसला सुनाया था कि फौरी तीन तलाक इस्लाम के मूल सिद्धांतों का हिस्सा नहीं है.
बल्कि, एक ऐसी नागरिक प्रथा है, जिसका धड़ल्ले से दुरुपयोग होना मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी को मुश्किल बना रहा है. जो स्री-विरोधी प्रथा 20 मुस्लिम देशों में प्रतिबंधित है और जिसकी आड़ में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी देश की 345 महिलाओं को तलाक दिया गया, उसे रोकने वाले बिल का विरोध करना महिला प्रताड़ना का समर्थन करने जैसी क्रूरता है.
इस कुप्रथा को रोकने के लिए कानून बनाने संबंधी अदालती निर्देश का पालन करने और मुस्लिम बहनों से अपना वादा निभाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया. उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर रोक लगाने वाले बिल का समर्थन कर कांग्रेस 33 साल पुराने उस राजनीतिक गुनाह का प्रायश्चित कर सकती है.
