राजीवनगर के देवबिहार कॉलाेनी निवासी विशाल की हत्या के बाद लाश के साथ प्रदर्शन
पटना : राजीवनगर थाना क्षेत्र के देवबिहार कॉलाेनी निवासी विशाल राय की हत्या के बाद उसकी लाश लेकर मां चिंता देवी समेत करीब सैकड़ों महिलाएं व भारी संख्या में लोग नेपाली नगर के चंद्रविहार कॉलोनी में माला राय के घर पहुंचे.
यहां पर लाश रखकर आक्रोशित लोगों ने ताड़फोड़ शुरू कर दी. मकान का गेट तोड़ दिया. चार बाइक को कूंच दिया गया. अंदर घुसकर बॉक्स समेत बेसिन, कुर्सियां तोड़ दी गयी. इसके बाद स्थानीय पुलिस के अलावा एसआरएफ को बुलाया गया. पुलिस ने लाठीचार्ज कर मामला शांत कराया. रोड के किनारे मौजूद माला राय के खटाल में भी आग लगा दी गयी. इस दौरान पुलिस ने दमकल बुलाया. एक घंटे तक चले प्रयास के बाद आग बुझायी गयी.
चाचा के फर्द बयान पर 10 के खिलाफ केस दर्ज : शाहपुर थाना क्षेत्र के हेन्तपुर के मूल निवासी विनोद यादव राजीवनगर में देवबिहार कॉलोनी में रहते हैं.
विनोद यादव मृतक विशाल के चाचा हैं. उन्होंने पुलिस के सामने फर्द बयान दिया है कि रविवार की सुबह करीब नौ बजे दोस्त प्रिंस से मिलने गया था. प्रिंस के घर से निकलकर दीघा-आशिायाना रोड की तरफ जा रहा था. तभी सफेद रंग की सफारी गाड़ी से करीब 13 लोग रॉड, पिस्तौल, बंदूक लेकर आये और विशाल और प्रिंस को दौड़ा लिया. दोनों चंद्रबिहार कॉलोनी की तरफ भागे, इस दौरान प्रिंस भाग गया जबकि विशाल दीपक दूबे के मकान के पीछे कीचड़ में फंस गया.
इस दौरान माला राय का साला सूरज सरकार ने गोली चलाया, जिसमें विशाल की मौत हो गयी. माला राय का बेटा गुरुदयाल, श्रीदयाल, विकास यादव माला राय का नाती, हरि दयाल, माला राय का भतीजा सुरेंद्र राय और उसके तीन भाई मुकेश राय, रंजन उर्फ नन्नहकी, भोला राय, माला राय, बृजमोहन राय अन्य दो अज्ञात घटना को अंजाम देकर फरार हो गये. सफारी पर उत्तरी दानापुर जिला पार्षद अंकित था. यह गाड़ी माला राय की है. विनोद यादव ने कहा है कि इस घटना के बाद उन्हें, रवि राय, प्रिंस राय को जान का खतरा है.
जहां विशाल को मारी गोली वहां नशेड़ियों का अड्डा
चंद्रविहार कॉलोनी में जहां विशाल की हत्या की गयी, वहां पर नशेड़ियों का अड्डा है. दियारा का रहने वाला एक युवक गांजा-शराब की सप्लाइ करता है. सूत्र बताते हैं कि सुबह-शाम लफुये अड्डेबाजी करते हैं. इसको लेकर वहां पर विवाद होता रहता था. बताया जा रहा है कि हत्यारे सफारी गाड़ी से हेतनपुर दियारा भाग गये हैं. हालांकि पुलिस हत्यारोपियों की तलाश कर रही है, कई जगहों पर छापेमारी की गयी है.
मकान में सिर्फ किरायेदार
पुलिस ने जब मकान की तलाशी ली तो पता चला कि माला राय और उनका परिवार मकान में नहीं है. पुलिस जब मकान में आरोपियों की तलाश में घुसी तो अफवाह उड़ायी गयी कि माला राय का बेटा छत से कूदकर भाग रहा है. इसके बाद पूरी भीड़ दौड़ने लगी. लेकिन जब पुलिस ने मकान चेक किया तो पता चला कि मकान में माला राय के परिवार का कोई नहीं है, बल्कि सब किरायेदार हैं.
