पटना : जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने बताया कि देश में केन-बेतवा नदी जोड़ योजना के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी परियोजना बिहार की कोसी–मेची लिंकिंग नहर योजना का काम पूरा होने जा रहा है. 15 दिनों के अंदर केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा इसकी अनुमति मिल जायेगी. इस योजना के कार्यान्वयन से अररिया, कटिहार, किशनगंज एवं पूर्णिया जिले के 21 प्रखंडों के 2,10,516 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.
इस योजना पर 4900 करोड़ की लागत आयेगी. जल संसाधन मंत्री गुरुवार को विधानसभा में रखे गये विभाग के 36 अरब 52 करोड़ के बजट पर सरकार का पक्ष रख रहे थे. उन्होंने सदन को बताया कि इसके अलावा सकरी-नाटा लिंकिंग योजना है. सकरी नदी पर बकसोती बराज से नहर निकाल कर आहर-पइन को जोड़ते हुए नाटा नदी में जलान्तरण की योजना है. यह योजना केंद्रीय जल आयोग में स्वीकृति की प्रक्रिया में है. इसी तरह से बूढ़ी गंडक–नून–बाया–गंगा लिंक योजना पर भी काम किया जा रहा है.
मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2019–20 में 77,279 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता सृजन का लक्ष्य है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष बाढ़ की तैयारी पूरी कर ली गयी है.
वर्ष 2018 में नदियों के व्यवहार की समस्या को देखते हुए 208 अदद बाढ़ सुरक्षात्मक योजनाओं की स्वीकृति दी गयी, जिसमें 202 अदद योजनाओं को पूरा कर लिया गया है. छह योजनाओं के निर्माण व ड्रेजिंग का काम बाढ़ के बाद पूर्ण कर लिया जायेगा. बाढ़ से नियंत्रण के लिए 3790 किलोमीटर के तटबंध पर हर किलोमीटर पर होमगार्ड व चौकीदार को तैनात किया जा रहा है. बाढ़ के पूर्वानुमान के लिए 72 घंटे लीड टाइम का पूर्वानुमान संभव हो सका है.
सेंटर फॉर एक्सेलेंस के तहत गणितीय प्रतिमान केंद्र अनिसाबाद, पटना में स्थापित किया गया है. पटना में ही वाटर नॉलेज सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव है. जल संसाधन विभाग के बजट पर राजद के ललित यादव यादव ने कटौती प्रस्ताव पेश किया. बजट पारित करने के दौरान विपक्षी दलों राजद, कांग्रेस व माले के सदस्यों ने सदन का बहिष्कार किया. चर्चा में कुल 15 सदस्यों ने भाग लिया
