पटना : जेनेवा में 17 से 21 जून तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन सम्मेलन में पहली बार बिहार को श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला. सम्मेलन में मंत्री ने बिहार में श्रमिकों के हितों में किये जा रहे काम के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री के निर्देश में कई बड़े निर्णय लिये जा रहे हैं.
आइएलओ शताब्दी घोषणा विश्व भर में अपनायी जायेगी : बाल श्रम मुक्त जिला बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए विभाग तैयार है. न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत सिक्यूरिटी गार्ड, विद्यालयों के गैर शिक्षकेतर कर्मी, अस्पताल, ईंट-भट्ठा, कैटरर आदि को इस अधिनियम के दायरे में लाया जायेगा.
सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय श्रम मान का उद्देश्य श्रमिकों व कर्मचारियों की सुरक्षा करने पर जोर दिया दिया गया. आइएलओ शताब्दी घोषणा विश्वभर में अपनाया जायेगा. सम्मेलन में आइएलओ के 187 सदस्य राज्यों के सरकारों, श्रमिकों व नियोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए 5700 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया. सम्मेलन में मंत्री के साथ श्रमायुक्त भी गये थे.
पटना : पुणे में बिहार के श्रमिकों की दुर्घटना में हुई मौत पर श्रम मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दुख व्यक्त किया. उन्होंने मृत श्रमिकों के आश्रितों को प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के तहत एक-एक लाख की राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. विभागीय प्रधान सचिव ने बताया मृतक के आश्रितों को राशि मिलेगी. दिल्ली में पदस्थापित संयुक्त श्रमायुक्त व श्रम अधीक्षक दुर्घटना स्थल गये हैं. मृतक श्रमिकों के शव को वापस बिहार लाने की कार्रवाई की जा रही है.
