पटना : बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआइए) ने आगामी वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए निर्धारित होने वाली केंद्रीय बजट के लिए बजट पूर्व ज्ञापन केंद्रीय वित्त मंत्री को सौंपा है.
बीआइए के महासचिव एमपी बिदासारिया ने प्रभात खबर को बताया कि बजट ज्ञापन में मुख्य रूप से राज्य के पिछड़ेपन की समस्या के समाधान के मद्देनजर केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तुत होने जा रही आगामी केंद्रीय बजट में बिहार राज्य के लिए विशेष वित्तीय प्रोत्साहन अनुदान की मांग को एक बार फिर रखा है.
ज्ञापन में केंद्र से राज्य में शहरीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए तर्क रखते हुए विशेष वित्तीय प्रोत्साहन अनुदान का प्रावधान किये जाने की मांग रखी है.
राज्य में औद्योगिकीकरण का फीसदी भी काफी कम : बिदासारिया ने बताया कि राज्य में औद्योगिक भूखंड की उपलब्धता अत्यंत सीमित है. राज्य में औद्योगिकीकरण का फीसदी भी काफी कम हैं. केंद्र सरकार अमृतसर-दिल्ली-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के स्थापना को स्वीकृति दी है. यह कॉरिडोर अन्य राज्यों सहित बिहार राज्य से भी होकर गुजरेगा.
इस औद्योगिक कॉरिडोर के कैचमेंट एरिया में औद्योगिक शहर विकसित करने की संभावना बन रही है. लेकिन, राज्य सरकार के पास पर्याप्त धन नहीं है कि अभी से ही योजनाबद्ध तरीके से इन क्षेत्र में भविष्य के औद्योगिक गतिविधियों की मांग के मद्देनजर औद्योगिक भूखंड के लिए जमीन का अधिग्रहण कर सके.
उन्हाेंने बताया कि वर्तमान में किसी रेलगाड़ी में अधिकतम 24 डिब्बे का प्रबंध है. रेलगाड़ियों में यात्रा के लिए बढ़ते दबाव के मद्देनजर एसोसिएशन का सुझाया है कि निर्धारित 24 डिब्बे के जगह बड़ी गाड़ियां, जिसमें रेल डिब्बों की संख्या 42 हो चलाने पर विचार करने करे. प्रत्यक्ष कर सुझावों के तहत अन्य बिंदुओं के साथ-साथ सेटलमेंट कमीशन का एक बेंच पटना में स्थापित करने का मांग रखा हैं.
