पटना : एइएस से मुजफ्फरपुर के चार प्रखंडों के बच्चे ज्यादा प्रभावित

कांटी, मीनापुर, बोचहां व मुसहरी में सबसे ज्यादा मामले आये जांच में जुटी विशेषज्ञों की टीम, विभाग को रिपोर्ट का इंतजार पटना : राज्य में जेपनिज इंसेफ्लाइटिस (जेइ) और एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एइएस) से प्रभावित 12 जिलों के 222 प्रखंड हैं. इस वर्ष यह बीमारी मुजफ्फरपुर के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गयी है. अब तक […]

कांटी, मीनापुर, बोचहां व मुसहरी में सबसे ज्यादा मामले आये
जांच में जुटी विशेषज्ञों की टीम, विभाग को रिपोर्ट का इंतजार
पटना : राज्य में जेपनिज इंसेफ्लाइटिस (जेइ) और एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एइएस) से प्रभावित 12 जिलों के 222 प्रखंड हैं. इस वर्ष यह बीमारी मुजफ्फरपुर के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गयी है. अब तक जितने भी बच्चे इस तरह की बीमारी से पीड़ित हुए हैं उसमें 80 प्रतिशत सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले के हैं.
आंकड़े बता रहे हैं कि मुजफ्फरपुर जिले का चार प्रखंडों कांटी, मीनापुर, बोचहां और मुसहरी में इसका प्रकोप सर्वाधिक पाया गया है. अब विशेषज्ञों की टीम द्वारा इसकी सघन जांच की जा रही है कि मुजफ्फरपुर जिले के चार प्रखंडों में ही इस बीमारी का प्रकोप अधिक होने की वजह क्या है. विभाग विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है.
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि मंगलवार तक मुजफ्फरपुर में इलाज कराने के लिए पहुंचने वाले 437 बच्चे थे.
उनका मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच और केजरीवाल हॉस्पिटल में एडिमट कराया गया है. उन्होंने बताया कि इसमें 325 से अधिक बच्चे सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले के चार प्रखंडों के पीड़ित हैं. इसके अलावा मुजफ्फरपुर में इलाज के लिए सिर्फ 45 मरीज ऐसे हैं, जो अन्य जिलों से रेफर करने के बाद यहां पहुंचे हैं.
इस वर्ष एइएस के मरीजों की पहचान जिन अन्य जिलों में हुई है उसमें बेगूसराय (एक मौत), औरंगाबाद (एक), भोजपुर (एक), दरभंगा (एक), गया (एक), जहानाबाद (एक), नालंदा (एक), पश्चिमी चंपारण (तीन), पटना (चार), पूर्वी चंपारण (56), शिवहर (नौ), सीतामढ़ी(19), समस्तीपुर (पांच), सुपौल (एक) और वैशाली में (20) मरीज शामिल हैं. उन्होंने बताया कि उम्र के अनुसार मरीजों में सबसे अधिक चार वर्ष से नीचे उम्र के बच्चों में यह बीमारी पायी गयी है. मंगलवार तक बीमार बच्चों में 279 की उम्र चार वर्ष से कम है. इसी तरह से पांच से नौ वर्ष के बीच के 186 बच्चे पीड़ित हुए हैं, जबकि 10-15 आयु वर्ग में सिर्फ 34 बच्चे प्रभावित हुए हैं.
कांग्रेस का 21 को सभी जिलों में कैंडल मार्च
पटना. प्रदेश कांग्रेस ने मुजफ्फरपुर में इंसेफ्लाइटिस से हो रहे बच्चों की मौत तथा औरंगाबाद, गया, नवादा व पटना सहित बिहार के विभिन्न जिलों में लू लगने से मरने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए 21 जून शुक्रवार को सभी जिलों में कैंडिल मार्च का आयोजन किया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा मदन मोहन झा ने बुधवार को इसकी जानकारी दी. उन्होने कहा कि दोनों ही घटनाएं राज्य की चरमराती स्वास्थ्य सेवा की प्रतीक है. इसके पहले मंगलवार की शाम पार्टी के आला नेता व कार्यकर्ताओं ने पटना में कैंडिलज मार्च निकाला.
कैंडिल मार्च में पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा भी शामिल हुए. इनके अलावा प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह धीरज, अशोक राम, विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह के साथ पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार, समीर कुमार सिंह, विधायक अमित कुमार टुनना, पूनम पासवान, विनय वर्मा, विधान परिषद सदस्य प्रेम चंद्र मिश्रा, राजेश कुमार सिन्हा, मुख्य नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर संजीव सिंह, आनंद माधव सहित दर्जनों पार्टी नेता मौजूद थे.
मौतों पर राजद का कैंडल मार्च आज
पटना. राज्य में चमकी बुखार और लू से हुई मौतों पर राजद नेताओं ने दुख व्यक्त किया है. साथ ही मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए गुरुवार शाम सात बजे पटना में कारगिल चौक से गांधी मैदान में गांधी मूर्ति तक कैंडल मार्च का आयोजन किया है. इन मौतों के मामले में राज्य सरकार पर विफलता का आरोप लगाते हुए छात्र राजद 23 जून को राजभवन मार्च करेगा.
साथ ही 24 जून को सभी जिला मुख्यालयों पर पार्टी नेता धरना देंगे. आगामी विधान सभा चुनाव की रणनीति को लेकर राजद नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्व की अध्यक्षता में बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की. इसमें संगठन चुनाव पर चर्चा हुयी. साथ ही निर्णय हुआ कि अगस्त महीने से पार्टी अपना देशव्यापी सदस्यता अभियान शुरू करेगी. इससे पहले छह जुलाई को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी.
राजनीति का नहीं, पीड़ितों को बचाने का समय: मोदी
पटना. डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि ग्लोबल वार्मिंग जैसे कारणों का लोकल इफेक्ट जब अत्यधिक गर्मी, अतिवृष्टि या असाध्य मौसमी बीमारी के रूप में सामने आती है. तब इनसे निपटने के लिए बनी सामान्य व्यवस्था का आकस्मिक दबाव न झेल पाना अस्वाभाविक नहीं. यह समय अतिताप, लू और एइएस बीमारी से पीड़ित लोगों को बचाने में सबका सहयोग करने का है, राजनीति करने का नहीं. भाजपा प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी आपदा के समय एकजुट रहने को कहा है.
पटना. मुजफ्फरपुर में इंसेफ्लाइटिस से मृत बच्चों के लिए बुधवार को कारगिल चौक पर आक्रोश कैंडल मार्च निकाला गया. नेतृत्व पूर्व पुलिस अधीक्षक सह समाजसेवी श्रीधर मंडल ने किया. मार्च से पूर्व मृतक बच्चों को श्रद्धांजलि दी गयी. मौके पर शंकर मेहता, अखिलेश प्रसाद सिंह, रणजीत जायसवाल, रोहित कुमार, संजय कुशवाहा, राकेश कुमार, अंकित आदि मुख्य रूप से मौजूद थे.

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