2020 तक सभी घरों में पानी पहुंचाने का लक्ष्य
पटना : राज्य के 61 हजार वार्डों में इस साल के अंत तक हर घर नल का जल मिलने लगेगा. 40 हजार वार्डों में निर्माण कार्य प्रगति पर है, जो 2019 दिसंबर तक पूरा कर लिया जायेगा. इसको लेकर विभागीय स्तर पर काम तेज हो गया है. बिहार सरकार ने सात निश्चय योजना के तहत 2020 तक सभी घरों में शुद्ध पानी पहुंचाने का निश्चय किया है. जबकि, ग्राम पंचायतों के 21 हजार वार्डों में काम पूरा कर जलापूर्ति शुरू कर दी गयी है.
काम तेज करने के लिए बनी मॉनीटरिंग टीम : हर घर नल का जल योजना को निश्चित समय तक पूरा करने के लिए मॉनीटरिंग टीम का गठन कर जहां-जहां काम शुरू है, वहां से काम पूरा कर विभाग को रिपोर्ट भेजी गयी है. इन सभी स्थलों पर मॉनीटरिंग टीम जायेगी और काम का मुआयना कर रिपोर्ट बनायेगी. जहां काम में कोताही होगी, उन सभी जगहों पर दोबारा से काम कराया जायेगा और संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जायेगी.
यह है योजना
बिहार में कुल 8386 ग्राम पंचायतें और 1,14,691 वार्ड हैं. ग्राम पंचायतों द्वारा 58,612 वार्डों में हर घर नल का जल का काम कराया जा रहा है.
वहीं, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा 56,079 वार्डों में काम शुरू किया गया है. पीएचइडी के लिए निर्धारित 56,079 वार्डों में से 30,493 वार्ड गुणवत्ता प्रभावित हैं. इनमें से 5085 वार्डों में आर्सेनिक अनुमान्य मात्रा से अधिक है. 3812 वार्डों फ्लोराइड तथा 21,596 वार्ड में आयरन की अनुमान्य सीमा से अधिक पाये गये हैं.
रासायनिक प्रभावित जिले
फ्लोराइड : रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया, नवादा, नालंदा, मुंगेर, शेखपुरा, जमुई, बांका, भागलपुर.
आर्सेनिक : बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारण, समस्तीपुर, दरभंगा, भागलपुर, मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय, खगड़िया एवं कटिहार.
आयरन : बेगूसराय, खगड़िया, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, अररिया, पूर्णिया व किशनगंज.
