15 अगस्त तक होना है पौधरोपण
पटना : पर्यावरण असंतुलन को ठीक करने के लिए मनरेगा से निजी भूमि पर पौधरोपण होगा. 15 अगस्त तक पौधरोपण के काम को पूरा हो जाना है. इसके लिए 12 जून तक ग्राम सभा की बैठक होगी. पिछले महीने की 28 व 30 तारीख को मुख्य सचिव ने राज्य में सूखे की आशंका को देखते हुए समीक्षा की थी.
इसमें भी पौधरोपण को गति देने का निर्देश दिया गया था. मुजफ्फरपुर मॉडल के तर्ज पर निजी भूमि पर पौधरोपण होगा. इस संबंध में राज्य के मनरेगा आयुक्त सीपी खंडूजा ने सभी जिलाधिकारी व उपविकास आयुक्त को पत्र भेजा है. चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 में सामाजिक वानिकी कार्यक्रम के तहत पौधरोपण होना है.
मनरेगा के तहत पांच किलोमीटर तक लंबी ग्रामीण कार्य विभाग की सड़क के दोनों किनारे पर पौधरोपण हो रहा है. निजी भूमि पर पर भी अगर कोई पौधरोपण कराना चाहते हैं तो मनरेगा के तहत पौधरोपण होगा. इस काम में जीविका का सहयोग लिया जायेगा.
ग्रामीण विकास विभाग जीविका को इस काम से इसलिए जोड़ रहा है, ताकि फल होने के बाद जीविका के सहयोग से उसकी बिक्री हो सके. मनरेगा आयुक्त ने पत्र में लिखा है कि निजी भूमि के अलावा नहर और नदी तट पर भी पौधरोपण किया जायेगा. अगर कही जमीन कम हो तो दो-तीन लोग मिलकर भी कलस्टर में पौधरोपण कर सकते हैं. कम से कम दो यूनिट में पौधरोपण होगा. एक यूनिट में 200 पौधे होंगे.
ये पौधे लगाये जायेंगे
मनरेगा से निजी भूमि पर होने वाले पौधरोपण में फलदार पौधा लगेंगे. इसमें आम, लीची, जामुन, कटहल, आंवला, बेल, जामुन, नींबू आदि शामिल हैं. नदी तालाब, बांध नहर आदि के किनारे पौधरोपण में जामुन को प्राथमिकता मिलेगा.
पत्र में कहा गया है कि पौधरोपण के लिए कम से कम तीन फुट का पौधा लिया जाये. साढ़े चार फीट का पौधा रहेगा तो और बेहतर है. ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि फलदार पौधा लगाने से हरित क्षेत्र बढ़ेगा. पर्यावरण संतुलन दुरुस्त तो होगा ही साथ ही आने वाले समय में आमदनी का भी एक जरिया बनेगा.
