अनुपम कुमार
पटना : अब तक 17 हजार छात्राओं को ही कन्या उत्थान योजना की राशि मिली है. योजना के अनुसार 25 अप्रैल 2018 के बाद स्नातक पास प्रदेश के सभी छात्राओं को 25 हजार की राशि सरकार से मिलनी है. दिसंबर 2018 से इस योजना के लिए आवेदन शुरू हुआ और फरवरी 2019 तक 62 हजार छात्राओं ने इस योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि पाने के लिए आवेदन दिया.
इनमें से जांच के दौरान 53 हजार आवेदन सही पाये गये, लेकिन 31 मार्च 2019 तक 17 हजार छात्राओं का ही बिल पास हो सका. इसलिए केवल उतने को ही राशि मिली. वित्तीय वर्ष 2019-20 में भी योजना के लिए राशि आवंटित की गयी है, लेकिन शुरुआती दो महीने में चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण यह राशि योजना के क्रियान्वयन से जुड़े शाखा तक नहीं पहुंच पायी और अब भी प्रदेश के 36 हजार आवेदनकर्ता छात्राओं को कन्या उत्थान योजना की राशि मिलने का इंतजार है.
नौ हजार छात्राओं ने दिये एक से अधिक आवेदन
कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत राशि वितरण की धीमी रफ्तार की एक बड़ी वजह कई छात्राओं के द्वारा एक से अधिक बार आवेदन देना है. आवेदन सीधे शिक्षा विभाग नहीं ले रहा था, बल्कि कॉलेज द्वारा लिये जा रहे थे और वहां से विवि होकर ये विभाग तक आ रहे थे.
लिहाजा कुछ मामलों में भूलवश और कई ने जान बूझकर भी एक से अधिक बार आवेदन दे दिया. जब विभागीय अधिकारियों के सामने मामला आया तो उन्होंने पैसा देना रोक दिया और एक-एक आवेदन का अन्य साक्ष्यों से और आपस में मिलान शुरू हुआ, जिससे पूरी प्रक्रिया काफी धीमी हो गयी. इस क्रम में लगभग नौ हजार छात्राओं का आवेदन गलत निकला और उन्हें राशि देने की प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया.
ऑनलाइन होगा आवेदन : पुरानी प्रक्रिया में खामी को देखते हुए अब ऑफलाइन आवेदन बंद कर दिया गया है. नये आवेदन केवल ऑनलाइन ही लिये जायेंगे, जिसके लिए एनआइसी सॉफ्टवेयर तैयार कर रहा है.
फिर से शुरू हुई प्रक्रिया : योजना की राशि संबंधित विभागों तक भेजने की प्रक्रिया फिर से शुरू हुई है. एक अधिकारी ने बताया कि राशि वितरण दोबारा शुरू होने में 15-20 दिन और लगने की संभावना है.इस महीने के अंत तक यह दोबारा शुरू हो सकती है.
जल्द आयेंगे 80 हजार आवेदन
कन्या उत्थान योजना के लिए 300 करोड़ की राशि रखी गयी है. इससे लाभान्वित होने वाले छात्राओं की अनुमानित संख्या 1.20 लाख है. लेकिन, वास्तविक संख्या इससे भी अधिक है. मगध और पीपीयू का रिजल्ट प्रकाशित नहीं हुआ है और उनके आने के बाद लगभग 40 हजार छात्राओं के नये आवेदन आयेंगे. अन्य कॉलेजों और विवि से भी लगभग इतने ही नये आवेदन आयेंगे और कुल आवेदनों की संख्या 1.30 लाख तक हो जायेगी.
