पटना : राज्य में इस बार 12 जिलों के दो लाख हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में खरीफ सिंचाई सुविधा विकसित की जा रही है. इन सभी को 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य है.
इसके लिए आठ योजनाओं पर करीब आठ अरब रुपये खर्च होंगे. इनमें प्रमुख रूप से पूर्वी गंडक नहर प्रणाली का दूसरा चरण, पश्चिमी गंडक नहर प्रणाली का दूसरा, बटाने जलाशय योजना, दरधा नदी पर बेर्रा वीयर और सोन नहर योजना शामिल हैं.
इसका फायदा पटना, भोजपुर, सारण, गोपालगंज, सीवान, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, औरंगाबाद और जहानाबाद जिले को हाेगा.
जल संसाधन विभाग के सूत्रों का कहना है कि करीब पांच अरब रुपये की लागत से 2019-20 में पूर्वी गंडक नहर प्रणाली का दूसरे चरण में विस्तार किया जायेगा. वहीं, करीब दो अरब 50 करोड़ रुपये की लागत से पश्चिमी गंडक नहर प्रणाली के दूसरे चरण का विस्तार किया जायेगा.
छह करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से बटाने जलाशय योजना का विस्तार किया जायेगा. पटना जिले मेें मसौढ़ी प्रखंड के बेर्रा गांव के पास दरधा नदी पर बेर्रा वीयर निर्माण के लिए 14 करोड़ रुपये का बजट है. आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि राज्य में कृषि योग्य जमीन 55.63 लाख हेक्टेयर है, लेकिन अधिकतम 53.53 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ही सिंचाई क्षमता सृजित हो सकेगी.
इसमें से 29.69 लाख हेक्टेयर में बड़ी और मध्यम योजनाओं से सिंचाई की सुविधा विकसित की गयी है. राज्य सरकार के कृषि रोडमैप में फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए बड़ी और मध्यम सिंचाई क्षमताओं को बढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है.
