पर्दे के पीछे से कार्यकर्ता भी दिन-रात प्रचार में जुटे हुए हैं
पटना : राज्य में लोकसभा चुनाव को लेकर केवल बड़े नेता ही नहीं, बल्कि पार्टी के कार्यकर्ता भी दिन-रात काम में जुटे हुए हैं. करीब तीन लाख से अधिक विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता पर्दे के पीछे से अपने-अपने दलों के लिए सक्रिय हैं. उनकी 24 घंटे की मेहनत का ही नतीजा है कि न सिर्फ उम्मीदवारों की परेशानियों को दूर किया जा रहा.
बल्कि, बड़े नेताओं की चुनावी सभा भी आयोजित हो रही है. सभी राजनीतिक दलों ने इस समय चुनाव संबंधी कामकाज और उसकी देखरेख के लिए प्रदेश कार्यालयों में विशेष व्यवस्था की है. वहां दो से तीन पालियों में चुनाव की मॉनीटरिंग और को-ऑर्डिनेशन का काम चल रहा है. यही नहीं जिन जगहों पर आगामी चुनाव होने हैं वहां भी पार्टी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदवारी दी गयी है. उनकी मदद के लिए अन्य स्थानों से वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को भेजा गया है. जदयू के सूत्रों का कहना है कि राज्य में पार्टी के करीब डेढ़ लाख सक्रिय सदस्य हैं. ये सभी चुनाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं. वहीं उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रचार और स्थानीय स्तर पर बूथ मैनेजमेंट के लिए वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को भी भेजा गया है. हाल ही में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने भी मधेपुरा में करीब 12 दिनों तक कैंप किया.
वहां से उन्होंने आसपास के सभी क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाया और मानीटरिंग की. इसी तरह विधान सभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह, जदयू प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह, पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह, प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार, प्रदेश महासचिव नवीन कुमार आर्य आदि भी अलग-अलग जगहों पर अभियान में शामिल हुए.
भाजपा के 92 लाख सक्रिय सदस्य
वहीं, भाजपा ने तो अलग चुनाव प्रबंधन सेल का ही गठन कर दिया है. यह सेल भी 24 घंटे काम कर रहा है. इसमें प्रतिदिन लोकसभा क्षेत्र से आने वाली कार्यकर्ताओं की शिकायत दूर की जा रही है. वहीं चुनाव क्षेत्रों में नेताओं के आने-जाने से लेकर सभी मुद्दों का तुरंत समाधान किया जा रहा है. इसके करीब 92 हजार कार्यकर्ता चुनाव में लगे हुए हैं.
कांग्रेस और राजद के कार्यकर्ता भी चुनाव में व्यस्त
कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि हर बूथ पर उसके पांच से बारह कार्यकर्ता मौजूद हैं. उसके करीब पांच लाख सक्रिय कार्यकर्ता चुनाव में लगे हैं. पार्टी के सदाकत आश्रम स्थित प्रदेश कार्यालय से ही राज्य के सभी बूथों की निगरानी हो रही है. ठीक ऐसी ही स्थिति राजद की भी है. प्रदेश भर में उसके भी करीब 50 हजार सक्रिय कार्यकर्ता हैं.
