पटना : 11वीं में पढ़ सकेंगे मनपसंद विषय

सीबीएसइ. स्ट्रीम के अलावा कॉम्बिनेशन से चुने सकते हैं सब्जेक्ट पटना : सीबीएसइ में 11वीं में दाखिला लेने वाले छात्र अब अपने सभी मनपसंद विषयों को पढ़ सकते हैं. जानकारी के मुताबिक सीबीएसइ में स्‍ट्रीम के साथ-साथ अब कॉम्बिनेशन के हिसाब से भी विषय चुनने के विकल्प हैं. विद्यार्थी विभिन्न स्ट्रीम में से विषय चुन […]

सीबीएसइ. स्ट्रीम के अलावा कॉम्बिनेशन से चुने सकते हैं सब्जेक्ट
पटना : सीबीएसइ में 11वीं में दाखिला लेने वाले छात्र अब अपने सभी मनपसंद विषयों को पढ़ सकते हैं. जानकारी के मुताबिक सीबीएसइ में स्‍ट्रीम के साथ-साथ अब कॉम्बिनेशन के हिसाब से भी विषय चुनने के विकल्प हैं. विद्यार्थी विभिन्न स्ट्रीम में से विषय चुन सकता है. बशर्ते कि सीबीएसइ की कोर्स ऑफ स्टडीज में वह विषय शामिल हो.
फिलहाल पहले साइंस स्‍ट्रीम का मतलब फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ या बायोलॉजी हुआ करता था. वहीं कॉमर्स और आर्ट में भी तय विषय थे, लेकिन अब विषयों के सेट या कॉम्बिनेशन में छात्र मैथ के साथ बायोलॉजी, इकोनोमिक्स के साथ बायोलॉजी या मैथ अथवा फिजिक्स, बायोलॉजी के साथ ड्रामा, कॉमर्स के साथ फैशन, पीसीएम के साथ साइकोलॉजी आदि विषयों की पढ़ाई भी कर सकते हैं.
व्यापक विकल्प मौजूद : फिलहाल ऐसे में विद्यार्थियों के सामने तीनों स्‍ट्रीमों का संकरा रास्‍ता नहीं है, बल्कि उनके सामने व्यापक विकल्प मौजूद हैं. दरअसल सीबीएसइ ने किसी भी स्ट्रीम के विषय को चुनने की सुविधा दी है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक राज्यों के बोर्ड से पढ़ाई करने वाले छात्र भी 11वीं में सीबीएसइ बोर्ड में दाखिला लेने के बाद इन विषयों की पढ़ाई कर सकते हैं. कुल मिलाकर पहले की तरह अब किसी भी छात्र को तीन में से किसी एक स्‍ट्रीम में बंध कर पढ़ने की कोई जरूरत नहीं है.
पटना. सीबीएसइ ने शैक्षणिक सत्र वर्ष 2019-2020 के लिए कक्षा 11 एवं 12 वीं सहित सभी कक्षाओं के विषयों के नये सिलेबस जारी कर दिये हैं. वेबसाइट पर विषयवार जानकारी साझा की गयी है. सीबीएसइ ने जारी केरिकुलम में कोर्स स्ट्रक्चर, यूनिट वाइज वेटेज और प्रश्नपत्रों के डिजाइन आदि की डिटेल दी है. सीबीएसइ ने सभी विषयों के पाठ्यक्रमों को अपलोड किया है. उदाहरण के लिए 11वीं में गणित में नये शैक्षणिक सत्र के लिए पीरियड की संंख्या 35 मिनट के 240 पीरियड तय किये गये हैं. सबसे ज्यादा 70 पीरियड एल्जेबरा के लिए, 60 सेट्स एंड फंक्शन के लिए, को-ऑर्डिनेट ज्योमेट्री के लिए 40, केलकुलस एवं स्टेटिक्स एंड प्रोबैबिलिटी के लिए 30-30 पीरियड एवं 10 पीरियड मैथमेटिकल रीजनिंग के लिए सुनिश्चित किये गये हैं.
जबकि 12वीं में गणित विषय में कुल पीरियडों की संख्या भी 240 तय की गयी है. सबसे ज्यादा 80 पीरियड तीसरी यूनिट केलकुलस के लिए तय किये गये हैं. इसके अलावा एल्जेबरा के लिए 50, रिलेशन एंड फंक्शन, वेक्टर एंड ज्योमेट्री एवं प्रोबेबिलिटी के लिए क्रमश: 30-30 पीरियड तय किये गये हैं. लीनियर प्रोग्रामिंग के लिए 20 पीरियड तय किये गये हैं. इसी तरह दूसरे विषयों के लिए भी पीरियड्स एवं उनके अंक तय कर दिये गये हैं.
क्या कहती हैं अधिकारी
11वीं में विद्यार्थी सीबीएसइ के नॉर्म्स के मुताबिक किसी भी स्ट्रीम में कॉम्बिनेशन के हिसाब से अपना विषय चुन सकता है. बशर्ते सीबीएसइ के संबंधित स्कूल में उस विषय को पढ़ाने की सुविधा हो. साथ ही वह विषय सीबीएसइ की कोर्स ऑफ स्टडीज में भी शामिल हो.
रमा शर्मा, प्रवक्ता, सीबीएसइ, नयी दिल्ली

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