पटना : जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा है कि तेजस्वी यादव से अच्छा और सच्चा बनने की उम्मीद बेमानी है. 30 साल की उम्र में भ्रष्टाचार वाली सोच ने उनको किस चौराहे पर ला खड़ा किया है, इसका उनको अंदाजा भी नहीं है. उनके जैसा व्यक्ति जनता के साथ केवल विश्वासघात ही कर सकता है.
भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे व्यक्ति की सोच ऐसी नकारात्मक हो जाती है कि वह चाहकर भी विकास की बात नहीं सोच सकता. एक भ्रष्टाचारी की दिलचस्पी केवल अपनी काली कमाई को गिनने में होती है. सिंह ने कहा है कि तेजस्वी गरीबों के लिए सामाजिक न्याय की बात करते हैं, लेकिन उन्हें यह बताना चाहिए कि उनके परिवार से बड़ा पूंजीपति भी बिहार में है क्या? संभव हो तो कभी अपने अंदर झांककर यह सवाल करें. वहीं दूसरी ओर , संजय सिंह ने मंगलवार को तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया है कि बिना शिक्षा के करोड़पति बना जाना क्या परिवारवाद नहीं है?
दूसरों का भोजन छीनकर अपनी थाली भरना क्या परिवारवाद नहीं है? बेरोजगारों की भीड़ में भी बेनामी संपत्ति बनाना क्या परिवारवाद नहीं है? सत्ता पाते ही अपनी संपत्ति बेतहाशा बढ़ाना क्या परिवारवाद नहीं है? इससे पहले तेजस्वी यादव ने ट्वीट में लिखा था कि हर हाथ में कलम देना क्या राष्ट्रवाद नहीं है? हर थाली में भोजन देना क्या राष्ट्रवाद नहीं है? हर नौजवान को रोजगार देना क्या राष्ट्रवाद नहीं है?
