पिछले मरम्मत कार्य में अनियमितता की जांच रिपोर्ट अब भी फाइलों में बंद
पटना : शहर की धड़कन कहे जाने वाले मौर्यालोक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स विभागीय अनदेखी का शिकार है. मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कॉम्प्लेक्स की सूरत नहीं बदल रही. तीन साल पहले ही करीब चार करोड़ रुपये खर्च कर समूचे कॉम्प्लेक्स की मरम्मत की गयी.
बावजूद यदा-कदा छज्जा टूटने, दीवार झड़ने आदि की शिकायतें मिलती रहती हैं. विभागीय निर्देश पर पटना नगर निगम ने एक बार फिर से छह करोड़ रुपये से मरम्मत का प्लान तैयार किया है. इसको लेकर निगम प्रशासन द्वारा चयनित एजेंसी ने काम भी शुरू कर दिया है.
वहीं तीन साल पहले हुए काम में अनियमितता की शिकायत पर नगर आयुक्त के आग्रह पर बुडको के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता ने जांच कर विभाग को रिपोर्ट सौंपी थी, जो अब तक विभाग में दबी है और इस पर कार्रवाई तक नहीं हुई.
हाइकोर्ट की फटकार पर हुई थी मरम्मत
अनियमितता की फाइल विभाग में है दबी : चयनित एजेंसी को फ्लोरिंग, फिनिशिंग, एक्सटर्नल सीवरेज सिस्टम, आदि काम करने थे. लेकिन, एजेंसी ने एक भी कार्य ठीक से नहीं किया. एजेंसी के कार्य पर तत्कालीन दो नगर आयुक्तों ने सवाल उठाये थे. बुडको के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता ने जांच कर विभाग को रिपोर्ट सौंपी थी, जो कार्रवाई के बदले अब तक विभाग में ही दबी है.
एक-एक चीज होगी दुरुस्त : नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन ने बताया कि कॉम्प्लेक्स के साथ-साथ निगम मुख्यालय की सूरत बदलने की योजना है. वहीं, कॉम्प्लेक्स परिसर की जर्जर छत, विद्युत वायरिंग, ड्रेनेज-सीवरेज, परिसर की सड़क, पार्किंग आदि व्यवस्था दुरुस्त की जायेगी. मुख्यालय के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि मेंटेनेंस का काम चौथे तल्ले पर स्थित निगम कार्यालय से शुरू की गयी है.
