पटना : शुक्रवार को जनशक्ति भवन में बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों व सामाजिक कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक हुई. इसमें लोगों ने कन्हैया के पक्ष में वोट करने की अपील की. कार्यक्रम में साहित्यकार आलोक धन्वा ने कहा कि कन्हैया हमारे विवेक का प्रतीक है. वाम पार्टियां भाइचारे के आधार पर काम करती हैं.
बुद्धिजीवियों ने की कन्हैया के समर्थन में वोट डालने की अपील
पटना : शुक्रवार को जनशक्ति भवन में बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों व सामाजिक कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक हुई. इसमें लोगों ने कन्हैया के पक्ष में वोट करने की अपील की. कार्यक्रम में साहित्यकार आलोक धन्वा ने कहा कि कन्हैया हमारे विवेक का प्रतीक है. वाम पार्टियां भाइचारे के आधार पर काम करती हैं. आज स्वाधीन भारत में […]

आज स्वाधीन भारत में लेखकों की हत्या की गयी है. ऐसे में अब कन्हैया को वोट करने जरूरत है. आलोक धन्वा ने दिनकर, फणीश्वरनाथ रेणु, कर्पूरी ठाकुर, फिराक गोरखपुरी का उदाहरण देते हुए वाम पार्टियों को वोट करने की अपील की.
बैठक की अध्यक्षता महासचिव नवीन चंद्रा ने की. राजनीतिक कार्यकर्ता अजय कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि जमीनी स्थिति की बात की जाये तो मोदी जी की स्थिति खराब है. वामपंथियों पर गद्दार होने का आरोप लगाया जा रहा है.
बड़े पैमाने पर किराये के लोगों से सोशल मीडिया पर गलत अभियान चलाया जा रहा है. लेखक राघव शरण शर्मा ने कहा कि आज कन्हैया वामपंथ के स्वाभिमान का प्रतीक है. इस कारण हमें कन्हैया का साथ देना चाहिए. सतीश कुमार ने कहा कन्हैया आज आमने सामने की लड़ाई के लिए ललकार रहा है. हमें उनके पक्ष में वोट करना चाहिए.