पटना : चुनाव घोषणा पत्रों से नदी, पानी जैसे मुद्दे हैं गायब : राजेंद्र सिंह

पटना : पर्यावरणविद और जल पुरुष कहे जाने वाले राजेंद्र सिंह ने कहा है कि लोकसभा चुनाव को लेकर जारी किसी भी राजनीतिक पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में सूखती नदियों और पानी की लगातार होती कमी को शामिल नहीं किया है. राजनीतिक पार्टियों के लिए बाढ़ और सुखाड़ मुद्दा नहीं है. उन्होंने पटना में […]

पटना : पर्यावरणविद और जल पुरुष कहे जाने वाले राजेंद्र सिंह ने कहा है कि लोकसभा चुनाव को लेकर जारी किसी भी राजनीतिक पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में सूखती नदियों और पानी की लगातार होती कमी को शामिल नहीं किया है. राजनीतिक पार्टियों के लिए बाढ़ और सुखाड़ मुद्दा नहीं है. उन्होंने पटना में गंगा की हालत पर चिंता जतायी है और कहा है कि नदी में एक बूंद भी गंगाजल नहीं है. यह सब नालों का गंदा पानी है. यहां गंगा की हालत देखकर भी सरकार को इसकी चिंता नहीं है. गंगा को अविरलता और निर्मलता चाहिए.
राजेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने गंगा मंत्रालय बना दिया और नमामि गंगे के लिए बीस हजार करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था करवा दी, लेकिन गंगा की हालत खराब होती गयी. प्रकृति और मानव जनित कारणों से देश के सत्रह राज्य और तीन सौ सड़सठ जिले अकाल की चपेट में हैं.

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