दो भाइयों को सात-सात साल की सजा, एक भाई को दस साल का कठोर कारावास व जुर्माना
पटना : पटना के एडीजे 15 दीपक कुमार की अदालत द्वारा हत्या करने के प्रयास मामले में तीन अभियुक्त भाइयों सुनील कहार, ललन कहार व संजय कहार को आजीवन कारावास व जुर्माना की सजा सुनाई है. मामले के अपर लोक अभियोजक मो गयासुद्दीन ने बताया कि उक्त मामला गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 99/97 से संबंधित है.
घायल मुन्ना कुमार के भाई ने पीएमसीएच पटना में पीरबहोर थाने के अवर निरीक्षक के समक्ष फर्द बयान में बताया कि उसके भाई को अभियुक्तगण 18 फरवरी 1997 को रात्रि में सरस्वती पूजा की तैयारी को देखने के बहाने बुला कर ले गये. वापस लौटने के क्रम में रात्रि दस बजे चितकोहरा गोलंबर के पास अभियुक्त ललन व संजय ने मुन्ना को पकड़ लिया तथा अभियुक्त सुनील ने पिस्टल निकाल कर उसके पेट में गोली मार कर भाग गये. अभियोजन ने उक्त वाद में तीन गवाहों से गवाही कराया.
अदालत ने अभियुक्त ललन कहार व संजय कहार को भादवि की धाराएं 307 में सात-सात वर्ष का सश्रम कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थ दंड तथा अभियुक्त सुनील कहार को धारा 307 में 10 साल का कठोर कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड तथा 27 आर्म्स एक्ट में सात वर्ष का कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी. वर्ष 1997 का यह मामला 22 साल बाद 2019 में निष्पादित हुआ.
