पटना : बिहार में बढ़ते किडनी फेल्योर और डायलिसिस पर चल रहे मरीजों को देखते हुए आइजीआइएमएस ने शोध करने का निर्णय लिया है. इस शोध के मुताबिक बिहार के किस जिले में सबसे अधिक किडनी रोग के मरीज अधिक हैं व सबसे अधिक कहां किडनी फेल हो रहे हैं आदि मुद्दों पर शोध किया जायेगा. यह शोध नेफ्रोलॉजी विभाग के सीनियर डॉक्टरों की देखरेख में जूनियर डॉक्टर करेंगे. दरअसल बुधवार
को आइजीआइएमएस में एथिकल कमेटी की बैठक हुई. इस बैठक में 62 विषयों पर शोध करने के लिए आवेदन आये थे.
62 में तीन शोध रिजेक्ट, 59 हुए पास: एथिकल कमेटी की हुई बैठक में कुल 62 शोध पत्र आये. लेकिन इनमें तीन शोधपत्रों को रिजेक्ट कर दिया गया और 59 शोधपत्र पास हुए. इस शोधपत्र में पांच में थोड़ी बहुत गलतियां पायी गयीं, जिन्हें एक सप्ताह के अंदर ठीक करने के लिए कहा गया.
वहीं जानकारी देते हुए आइजीआइएमएस एथिकल कमेटी के अध्यक्ष व एमएस डॉ मनीष मंडल ने कहा कि किडनी फेल होने के अलावा काम करने वाले मजदूरों में खैनी की बढ़ती लत और होने वाले कैंसर, बढ़ती बांझपन की समस्या आदि प्रमुख मुद्दों को भी शामिल किया गया है.
यह शोध संस्थान के 22 एमडी एमएस, डीएनबी, एमसीएच, डीएम कोर्स कर रहे मेडिकल छात्र, जूनियर डॉक्टर मिल कर करेंगे. शोध दो साल के अंदर पूरा करना है और तीसरे साल में जमा कर देना है. इसके बाद मरीजों को बीमारी से बचाव को लेकर जागरूक किया जायेगा.
