50 से अधिक स्कूलों ने अब तक नहीं लिया एक भी एडमिशन
पटना : अभी तक नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीइ) के तहत 50 फीसदी से कम सीटों पर प्रवेश देने वाले स्कूलों में एडमिशन के लिए जल्द लॉटरी निकाली जायेगी. जिले में अब भी आरटीइ के तहत एडमिशन पाने के लिए तीन हजार से अधिक सीटें खाली हैं. 50 से अधिक स्कूल तो ऐसे हैं, जिन्होंने प्रवेश देने की बात, तो दूर अभी तक नामांकन भी नहीं लिया है. इस पर डीएम सख्त हैं.
उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को जल्द लॉटरी निकालने को कहा है. जिले में आरटीइ के तहत नामांकित 593 स्कूल हैं. इनमें आरटीइ के तहत कम ही स्कूलों ने कोटा पूरा किया है.
समग्र शिक्षा अभियान में अपर डीपीओ यशजीत कुमार ने बताया कि ऐसे स्कूलों पर शिकंजा कसा जा रहा है, जिन्होंने आवंटित सीटों में 50 फीसदी से कम या बिल्कुल एडमिशन नहीं लिया है. जल्द ही लॉटरी निकाली जायेगी. जिले में 5013 सीटें आरटीइ के तहत प्रवेश के लिए अावंटित की गयी हैं. इसकी तुलना में 28 फरवरी तक केवल 2136 बच्चों ने फॉर्म भरे हैं. हालांकि लॉटरी सिस्टम के जरिये अभी तक अलॉट सीटों की संख्या 2172 रही है.
छोटे स्कूलों में सीटें रह जाती हैं खाली
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक आरटीइ में प्रवेश पात्रता रखने वाले अभिभावकों का पूरा ध्यान बड़े स्कूलों में प्रवेश दिलाना होता है. इससे छोटे स्कूलों में काफी सीटें खाली रह जाती हैं. आरटीइ में एडमिशन की एक खास सच्चाई भी सामने आयी है. जिसके चलते स्कूल प्रवेश देने से कतरा रहे हैं.
आरटीइ एक्ट 12(1) सी के तहत प्रावधान है कि अगर कोई स्कूल कक्षा एक से पहले से संचालित हैं, तो उन्हें नर्सरी में ही प्रवेश देना होगा. ऐसी स्थिति में स्कूलों की मजबूरी यह है कि उन्हें नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी तक बच्चे को नि:शुल्क पढ़ाना होता है. इसलिए वे बच्चों से ड्रेस किताब आदि की फी मांग रहे हैं.
