कंकड़बाग प्रमंडल में थे पदस्थापित, ठेकेदारों ने लगाया था आरोप
पटना : कंकड़बाग प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार के ऊपर ठेकेदारों की ओर से रिश्वतखोरी का आरोप लगाया गया. रिश्वतखोरी के आरोप को नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन ने गंभीरता से लिया और स्पष्टीकरण की मांग भी किया.
लेकिन, कार्यपालक अभियंता ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया. सोमवार को नगर आयुक्त ने कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए सेवा प्रशासी विभाग बुडको को अनुशंसा के साथ वापस कर दिया है.
नगर आयुक्त ने अनुशंसा किया है कि अरविंद कुमार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप को देखते हुए बिहार सरकार के निगरानी विभाग के उनके चल-अचल संपत्ति की जांच करायी जाये. जांच में दोषी पाये जाने पर सेवा से बर्खास्त की कार्रवाई की जाये.
पिछले दिनों कंकड़बाग प्रमंडल कार्यालय के समक्ष ठेकेदारों ने बकाया भुगतान नहीं होने के विरोध में प्रदर्शन किया. ठेकेदारों ने आरोप लगाया था कि कार्यपालक अभियंता मेयर व नगर आयुक्त के नाम पर दो-दो प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे है. इस खबर को प्रभात खबर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया.
इस खबर को मेयर सीता साहू ने गंभीरता से लिया और नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि मामले की जांच करें और कार्यपालक अभियंता पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें. मेयर के निर्देश पर नगर आयुक्त ने जांच शुरू किया. जांच के दौरान ऑडियो-वीडियो क्लिप भी मिला, जिसमें स्पष्ट कमीशन की मांग किया जा रहा है.
इसके बाद स्पष्टीकरण की मांग किया गया, जिसके जवाब में निर्देश नहीं माना जा सकता है. नगर आयुक्त ने अपने आदेश पर स्पष्ट कहा है कि कार्यपालक अभियंता सिर्फ निगम प्रशासन की छवि धूमिल किया है. बल्कि बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति पर भी प्रहार किया है. इससे कार्यपालक अभियंता को निलंबित कर सेवा वापस किया जाता है.
