पटना : बिहार विधान परिषद में गुरुवार को पटना की सड़कों पर ऑटो चालकों की मनमानी और ट्रैफिक जाम के मामलों पर सदस्यों ने जम कर आवाज उठायी. हालांकि इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा की जा रही पहल पर गृह विभाग के प्रभारी मंत्री विजय कुमार चौधरी कुछ खुल कर तो नहीं बोले, लेकिन सदस्यों ने यहां की सड़कों पर ऑटो चालकों के आतंक की पूरी व्यथा सदन को सुनायी.
प्रभारी मंत्री का कहना था कि राजधानी के सभी मुख्य चौक-चौराहों पर पीक आवर में पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं. दरअसल, प्रश्नोत्तर काल में भाकपा सदस्य केदार नाथ पांडेय ने इस मसले को उठाया. इस पर भाजपा के भी कई सदस्य ने साथ दिया तथा ऑटो में अवैध तरीके से लगाये जा रहे लोहे के छड़ों का मुद्दा उठाया. जवाब के क्रम में प्रभारी मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि पीक आवर में राजधानी के सभी चौक-चौराहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी है.
लेकिन सदस्य उनके इस जवाब से संतुष्ट नहीं थे. भाजपा सदस्य किरण घई सिन्हा ने कहा कि सड़कों पर किशोर भी ऑटो चला रहे हैं. संजय मयूख का कहना था कि गाड़ी में रॉड लगा कर ऑटो चालक आतंक का माहौल पैदा करते हैं, जबकि नवल किशोर यादव का कहना था कि जिन पुलिसकर्मियों को इन ऑटो चालकों पर लगाम कसने को तैनात किया जाता है, वे केवल अवैध वसूली की फिराक में रहते हैं. असंतुष्ट सदस्यों ने तो यहां तक कहा कि कभी आप बिना सायरन और लाल बत्ती की गाड़ी से आम लोगों की तरह सड़क से गुजरें, तब सही स्थिति का पता चलेगा.
