पटना : केदार दास श्रम व समाज अध्ययन संस्थान द्वारा माध्यमिक शिक्षक संघ सभागार में शनिवार को नवउदारवादी दौर में स्वास्थ्य नीति विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया. मुख्य वक्ता विकास वाजपेयी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूंजीवादी अर्थव्यवस्था को नियमित करने की जरूरत है. जनस्वास्थ्य और कुछ नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर राजनीति है.
जब तक राजनीति पर लगाम नहीं किसी जायेगी ,कुछ नहीं होगा. हमें लोगों को बीमार पड़ने से रोकना होगा. उन्होंने कहा कि पश्चिम के देशों में स्वास्थ्य की बेहतरी सिर्फ दवाइयों के कारण नहीं हुई, बल्कि उसके कई दूसरे सामाजिक-आर्थिक कारण थे. पटना के चिकित्सक सत्यजीत ने कहा कि हमारे देश में राजनीति में स्वास्थ्य मुद्दा नहीं बन पाया है.
180 देशों में हमारा स्थान 120 वें से भी पीछे हैं. जनता भी इस मामले में थोड़ी उदासीन है. इस विमर्श का संचालन केदार दास श्रम व समाज अध्ययन संस्थान के महासचिव नवीन चंद्र ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के सचिव अजय कुमार ने किया.
इस मौके पर खासी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, संस्कृतिकर्मी सहित विभिन्न संगठनों के लोग शामिल थे. प्रमुख लोगों में मदन प्रसाद सिंह, अक्षय कुमार, रवींद्र नाथ राय, सतीश, जयप्रकाश ललन, डॉ गोपाल सिंह, अरुण कुमार, अनिल कुमार राय, एस. पी वर्मा, अवध कुमार, अरुण मिश्रा , विजय कुमार सिंह, जयप्रकाश, अमरनाथ , प्रमोद यादव, सुमंत, अनीश अंकुर आदि मौजूद रहे.
