पत्नी और बच्चों के साथ अविभक्त हिंदू कुटुंब की भी देनी होगी सूचना
सुमित कुमार
पटना : लोकसभा चुनाव के मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों को नामांकन में फॉर्म 26 (शपथपत्र) भरते वक्त खास ख्याल रखना होगा. चुनाव आयोग ने इस बार फॉर्म 26 में थोड़ा बदलाव करते हुए उम्मीदवारों से तीन अतिरिक्त जानकारियां मांगी हैं.
इस बार नामांकन करने वाले उम्मीदवारों को पहली दफा पिछले पांच साल के इन्कम टैक्स रिटर्न का ब्योरा देते हुए आय बतानी होगी. साथ ही उनको चल-अचल संपत्ति कॉलम में पति, पत्नी व आश्रित बच्चों के साथ अविभक्त हिंदू-कुटुंब (हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली) का नया कॉलम भी भरना होगा. इस कॉलम में परिवार में अविभक्त संपत्ति की सूचना ली जायेगी. तीसरी महत्वपूर्ण जानकारी के तहत उम्मीदवार अपने ऊपर चल रहे लंबित, दोषी करार व बरी किये गये मामलों की कुल संख्या भी बतायेंगे. विधि व न्याय मंत्रालय की सलाह पर फॉर्म 26 में किये गये इन संशोधनों की जानकारी आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को दे दी है.
शपथपत्र इ-फाइल करने की सुविधा : इस बार उम्मीदवारों को फॉर्म 26 (शपथपत्र) इ-फाइल करने की सुविधा भी दी है. इच्छुक उम्मीदवार शपथपत्र की इ-फाइलिंग करने के बाद उसकी हार्ड कॉपी प्रिंट कर खुद सत्यापित करते हुए निर्वाची पदाधिकारी के पास नामांकन पत्र के साथ जमा करायेंगे.
कॉलम खाली छोड़ा तो रद्द होगा नामांकन : आयोग ने साफ कहा है कि नामांकन पत्र या फॉर्म 26 का कोई भी कॉलम खाली नहीं छोड़ा जायेगा. ऐसा करने पर स्क्रूटनी के दौरान नामांकन पत्र रद्द किया जा सकता है.
कहा गया है कि शपथपत्र का कोई कॉलम छूटा होने पर निर्वाची पदाधिकारी पहले नोटिस इश्यू कर उम्मीदवारों को सभी कॉलम भर कर नया एफिडेबिट जमा करने का निर्देश देंगे. इसके बावजूद कॉलम खाली रहा, तो नामांकन रद्द कर दिया जायेगा.
शपथपत्र उसी दिन सार्वजनिक करना अनिवार्य : आयोग के निर्देश के मुताबिक उम्मीदवारों के शपथपत्र नामांकन के दिन ही निर्वाची पदाधिकारी के नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक कर दिये जायेंगे. इसकी कॉपी किसी दूसरे उम्मीदवार, आम जनता या मीडिया की मांग पर उपलब्ध भी करायी जायेगी.
शपथपत्र को तत्काल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट के साथ ही समाहरणालय, जिला पर्षद कार्यालय व पंचायत कार्यालयों में भी प्रकाशित किया जायेगा.
तीन बार प्रकाशित करायेंगे आपराधिक सूचना : उम्मीदवारों के चरित्र को लेकर पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने इस बार सभी उम्मीदवारों को अखबार व टीवी चैनल पर तीन बार अपने आपराधिक रिकॉर्ड का ब्योरा देने का निर्देश दिया है. साथ ही संबंधित दलों को भी अपने माध्यम से इसे अखबार व चैनल में तीन बार प्रकाशित करने तथा पार्टी के अधिकृत वेबसाइट पर जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
तीन संशोधनों का ध्यान रखें प्रत्याशी
कॉलम खाली छोड़ा तो रद्द होगा नामांकन : आयोग ने साफ कहा है कि नामांकन पत्र या फॉर्म 26 का कोई भी कॉलम खाली नहीं छोड़ा जायेगा.
ऐसा करने पर स्क्रूटनी के दौरान नामांकन पत्र रद्द किया जा सकता है. कहा गया है कि शपथपत्र का कोई कॉलम छूटा होने पर निर्वाची पदाधिकारी पहले नोटिस इश्यू कर उम्मीदवारों को सभी कॉलम भर कर नया एफिडेबिट जमा करने का निर्देश देंगे. इसके बावजूद कॉलम खाली रहा, तो नामांकन रद्द कर दिया जायेगा.
शपथपत्र उसी दिन सार्वजनिक करना अनिवार्य : आयोग के निर्देश के मुताबिक उम्मीदवारों के शपथपत्र नामांकन के दिन ही निर्वाची पदाधिकारी के नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक कर दिये जायेंगे. इसकी कॉपी किसी दूसरे उम्मीदवार, आम जनता या मीडिया की मांग पर उपलब्ध भी करायी जायेगी. शपथपत्र को तत्काल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट के साथ ही समाहरणालय, जिला पर्षद कार्यालय व पंचायत कार्यालयों में भी प्रकाशित किया जायेगा.
तीन बार प्रकाशित करानी होगी आपराधिक सूचना
उम्मीदवारों के चरित्र को लेकर पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने इस बार सभी उम्मीदवारों को अखबार व टीवी चैनल पर तीन बार अपने आपराधिक रिकॉर्ड का ब्योरा देने का निर्देश दिया है. साथ ही संबंधित दलों को भी अपने माध्यम से इसे अखबार व चैनल में तीन बार प्रकाशित करने तथा पार्टी के अधिकृत वेबसाइट पर जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
