अब ऑथोरिटी से बात करने की जरूरत नहीं
पटना : छोटे-बड़े मकानों का नक्शा पारित करना बड़ी समस्या थी. यह समस्या सिर्फ पटना नगर निगम की नहीं, बल्कि पूरे देश के निगमों में है.
अब नक्शा पारित करने की प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटलाइजेशन करने को लेकर ऑटो-मैन नामक सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से ऑटोमेटिक नक्शा स्वीकृत किया जायेगा. गुरुवार को ऑटो-मैन को लेकर आयोजित कार्यशाला में उपस्थित वास्तुविदों, टाउन प्लानरों व बिल्डरों को संबोधित करते हुए नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन ने कहा कि अब नक्शा पारित करवाने वाले आवेदकों को ऑथोरिटी से बात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
ऑटो-मैन के जरिये रियल इस्टेट पर नियंत्रण करना नहीं है, बल्कि नियोजित तरीके से शहर को विकसित करना है. सॉफ्टवेयर में मास्टर प्लान व बिल्डिंग बायलॉज के डाटा फीड किया गया, जो जमा किये प्लान को रीड करेगा और नक्शे की स्वीकृति देगा. 20 कार्य दिवस में छोटी-बड़ी सभी बिल्डिंगों के लिए नक्शा स्वीकृत की जायेगी.
सिंगल विंडो कर रहे हैं विकसित
बहुमंजिली इमारत का नक्शा पारित कराने से पहले अग्निशमन व एयरपोर्ट ऑथोरिटी से एनओसी लेना अनिवार्य है. नगर आयुक्त ने बताया कि इसको लेकर सिंगल विंडो सिस्टम विकसित किया जा रहा हैं, ताकि रियल इस्टेट से जुड़े लोगों को नक्शा पारित करने में ज्यादा परेशानी नहीं उठानी पड़े. नक्शा पारित कराने को लेकर निर्धारित शुल्क भी ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की गयी है. नगर आयुक्त ने वास्तुविदों व बिल्डरों से अपील करते हुए कहा कि सॉफ्टवेयर में कहीं कोई कमी दिखे, तो सुझाव दें.
ऑटो-मैप की बारीकियों को बताते हुए कहा कि व्यक्तिगत व वास्तुविद सभी को रजिस्ट्रेशन कराने के साथ-साथ यूजर आइडी व पासवर्ड बनाना होगा.इसके बाद ही यूजर व्यक्तिगत व बहुमंजिली इमारत को लेकर तैयार प्लान की डिटेल्स और लैंड मार्क फीड करेंगे.
