समस्या से निबटने को लेकर की जा रही तैयारी
पटना : मॉनसून के दौरान 24 घंटे में भी 50-60 एमएम बारिश हुई, तो राजधानी के दर्जनों इलाकों में भयंकर जलजमाव की समस्या बन जाती है.
इसका कारण यह है कि निगम के पास बारिश के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं. इससे दर्जनों इलाकों के लोग महीनों जलजमाव की समस्या से जूझने को मजबूर होते हैं. हालांकि, इस मॉनसून में जलजमाव की समस्या नहीं हो, इसको लेकर निगम प्रशासन ने अंचल स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन ने सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने अंचल के जलजमाव प्रभावित इलाके को चिह्नित करें.
इन चिह्नित इलाकों से जेट सक्शन मशीन व फ्लड डिवाटरिंग मशीन के माध्यम से पानी निकालने की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि आपात स्थिति में दिक्कत नहीं हो सके.
खरीदी जा रही हैं छह डिसेल्टिंग मशीनें : पिछले दो वर्षों से निगम प्रशासन भाड़े की डिसेल्टिंग मशीन का उपयोग कर रहा था. भाड़े की एक मशीन से सभी अंचलों के नालों की सफाई की जाती थी, जो करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद पर्याप्त नहीं थी. लेकिन, अब निगम प्रशासन ने अंचल स्तर पर एक यानी छह डिसेल्टिंग मशीन व दो फ्लड डिवाटरिंग मशीन खरीद रहा है. यह दोनों मशीन मॉनसून से पहले आपूर्ति हो जायेगी. इनकी खरीदारी होने से जलजमाव की आपात स्थिति से तत्काल निबटारा किया जा सकेगा.
इन इलाकों में होती है भयंकर समस्या
नगर निगम के बांकीपुर अंचल क्षेत्र के राजेंद्र नगर, पूर्वी-पश्चिमी लोहानीपुर, कदमकुआं, बुद्ध मूर्ति गोलंबर, संदलपुर, महावीर कॉलोनी, कंकड़बाग अंचल के मौर्य विहार कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर का इलाका, पोस्टल पार्क, पूर्वी इंदिरा नगर, संजय गांधी नगर, अशोक नगर, राम लखन पथ, राम नगर, बंगाली टोला और नूतन राजधानी अंचल के सरिस्ताबाद, गर्दनीबाग के कुछ हिस्से, स्टेशन रोड, जमाल रोड, एग्जीबिशन रोड के कुछ हिस्सा आदि है. इसके साथ ही, न्यू बाइपास के दक्षिण पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो जाता है.
