पटना : स्वच्छता सर्वेक्षण में और पिछड़ा अपना शहर, मिला 318वां स्थान

पिछले साल से छह अंक गिरा पटना, मिला 318वां स्थान पटना : केंद्रीय शहरी मंत्रालय ने देश के 4237 शहरों में कराये गये स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट बुधवार को जारी कर दी. हालांकि, पटना नगर नगर निगम को ऑफिशियल सूची नहीं मिली है, लेकिन वेबसाइट पर उपलब्ध स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 की रैंकिंग सूची के अनुसार टॉप […]

पिछले साल से छह अंक गिरा पटना, मिला 318वां स्थान
पटना : केंद्रीय शहरी मंत्रालय ने देश के 4237 शहरों में कराये गये स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट बुधवार को जारी कर दी. हालांकि, पटना नगर नगर निगम को ऑफिशियल सूची नहीं मिली है, लेकिन वेबसाइट पर उपलब्ध स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 की रैंकिंग सूची के अनुसार टॉप 200 में राज्य के एक भी शहर नहीं है. पटना ने पिछले वर्ष से छह अंक नीचे गिर कर 318वीं रैंकिंग हासिल की है. पिछले वर्ष 4041 शहरों में पटना का स्थान 312वां था. इस वर्ष पटना का स्कोर 1685.55 और रैंकिंग 318वीं है.
राज्य में मुंगेर 217वीं रैकिंग के साथ सबसे ऊपर है. स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रमुख प्वाइंटों में ओडीएफ व गिला-सूखा कचरे को अलग-अलग करना शामिल है. लेकिन, इस बिंदु पर पटना नगर निगम पीछे है. निगम प्रशासन ने अंतिम समय में 60 जगहों पर मॉड्यूलर टॉयलेट बनाये. वहीं, अब तक गिला-सूखा कचरे को अलग-अलग नहीं किया जा रहा है. नागरिकों की फीडबैक आबादी के हिसाब से गणना नहीं किया गया हैं. इससे पटना की रैंकिंग बेहतर नहीं हो सका हैं.
रैंकिंग से संतुष्ट नहीं है निगम
वेबसाइट पर जारी स्वच्छता रैंकिंग से मेयर, डिप्टी मेयर व नगर आयुक्त संतुष्ट नहीं हैं. मेयर सीता साहू ने बताया कि शहर को साफ व स्वच्छ बनाने को लेकर बेहतर काम किया जा रहा है. सफाई कार्य दिख भी रहा है.
इसके बावजूद रैंकिंग में पीछे हैं, तो सर्वेक्षण करने वाली एजेंसी ठीक से अपना काम नहीं किया है. वहीं, डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पू ने भी कहा कि सर्वेक्षण रिपोर्ट संदेह के घेरे में है. नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन ने बताया कि वेबसाइट पर प्रदर्शित सूची अंतिम नहीं है. ऑफिशियल सूची आना बाकी हैं. सफाई को लेकर बेहतर कार्य किये जा रहे हैं, जो स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर अंक व अवार्ड लेने के लिए नहीं किये गये.
लाख उपाय के बाद भी पिछड़ा पटना
पिछले छह माह में नगर निगम ने 100 करोड़ से अधिक के सफाई उपकरणों की खरीदारी की. इसके साथ ही डोर टू डोर कचरा कलेक्शन शुरू किया गया. शहर से नियमित कचरे की उठाव, सड़कों की सफाई आदि कार्यों की शुरुआत की गयी. मॉड्यूलर शौचालय बनाये गये हैं. कचरा रिसाइकलिंग प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू है. निगम की सफाई व्यवस्था की तारीफ मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ विभागीय मंत्री व प्रधान सचिव भी कर रहे हैं. इसके बावजूद स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में पटना और पिछड़ गया.
शहर को साफ व स्वच्छ बनाने को लेकर बेहतर काम किया जा रहा है. इसके बावजूद रैंकिंग में पीछे हैं, तो सर्वेक्षण करने वाली एजेंसी ठीक से काम नहीं किया है.
सीता साहू, मेयर

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