मोकामा : एक तरफ सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर जहां सतर्क दिख रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों की स्थिति में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है. कुछ ऐसा ही हाल दिखा मोकामा नगर पर्षद स्थित प्राथमिक विद्यालय मोदनगाछी में .
यहां स्कूल टाइम टेबुल से नहीं शिक्षकों की मनमर्जी से चलता है. बच्चों की पढ़ाई से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है. जब मर्जी स्कूल की छुट्टी कर दी जाती है. प्रभात खबर की टीम शिक्षा व्यवस्था का हाल जानने बुधवार की दोपहर एक बजे इस स्कूल में पहुंची. विद्यालय में शिक्षिका दीपिका सिन्हा आठ बच्चों को पढ़ा रही थीं. मेन गेट पर पांच अन्य बच्चे घर लौटने की तैयारी में थे. हमलोगों को देख कर सभी बच्चे वापस स्कूल में आ गये. बच्चों ने बताया कि विद्यालय में शिक्षक नहीं थे. इसलिए घर जा रहे थे.
विद्यालय में मौजूद शिक्षा सेवक चंद्रवती देवी ने बताया कि यहां नामांकित 170 बच्चों में उपस्थिति अमूमन 120 है, लेकिन पिछले तीन-चार दिनों से बच्चों की उपस्थिति कम हो गयी है. विद्यालय में कार्यरत पांच शिक्षकों में सुप्रिया कुमारी अवकाश पर हैं. वहीं, प्रभारी शिक्षिका उषा देवी, शिक्षक सुजीत कुमार व रमेश प्रसाद शर्मा स्कूल आये थे.
किसी जरूरी काम को लेकर समय से पहले ही विद्यालय से चले गये थे. रसोइया चंद्रवती देवी ने बताया कि बच्चों की उपस्थिति के मुताबिक मध्याह्न भोजन बनता है. मध्याह्न भोजन के बाद बच्चे विद्यालय से भाग जाते हैं. शिक्षा सेवक ने अपने मोबाइल से प्रभारी शिक्षिका से संपर्क साधा. आसपास के लोगों ने बताया कि इस विद्यालय में समय पर क्लास नहीं लगती है. इसको लेकर बच्चे घर लौट जाते हैं. मध्याह्न भोजन की भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं है.
