पटना : निगम प्रशासन ने राजधानी में टॉयलेट व शौचालय की कमी को देखते हुए मॉड्यूलर टॉयलेट बनाने की योजना बनायी. इस योजना के तहत 60 जगहों पर 120 मॉड्यूलर टॉयलेट बना कर छह फरवरी को मेयर सीता साहू व नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन की उपस्थिति में उद्घाटन किया गया.
लेकिन, अब तक दर्जनों जगहों पर बने टॉयलेटों में ताला लटका हैं, जिसका उपयोग आमलोग नहीं कर रहे हैं. स्थिति यह है कि नवनिर्मित टॉयलेट के आसपास ही लोग खुले में यूरिन व शौच करने को मजबूर हैं. सरदार पटेल मार्ग पर स्थित पेसू कार्यालय के समीप बड़ी संख्या में रिक्शा चालक व बेसहारा लोग रहते हैं. वहीं, दिन भर आमलोगों की आवाजाही भी होती है. इसको देखते हुए पेसू कार्यालय के समीप दो यूनिट मॉड्यूलर टाॅयलेट बन कर तैयार हैं.
साथ ही कारगिल चौक के समीप भी टॉयलेट बन कर तैयार है. लेकिन, टॉयलेट के गेट में ताला लटका हैं. टॉयलेट में ताला लटके होने की वजह से लोग पीछे ही यूरिन करते दिखे. यह स्थिति दर्जन भर जगहों पर है. बीएन कॉलेज व सिविल कोर्ट के समीप बने टॉयलेट का रखरखाव बेहतर नहीं होने से गंदा हो गया है. गौरतलब है कि 31 मार्च तक शहर में 500 टॉयलेट बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
