पटना : नालंदा खुला विश्वविद्यालय द्वारा राज्य स्तरीय संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन लिये जा रहे हैं. विवि द्वारा छात्रों को निर्देश दिया गया है कि जिस डिवाइस से नामांकन के लिए आवेदन करते हैं, उसका डिवाइस आइपी नंबर जरूर ले लें. कोई भी तकनीकी परेशानी होने के बाद शिकायत की सुनवाई के लिए यह जरूरी होगा.
विवि के अनुसार पिछले वर्ष साइबर कैफे वालों की गलती से भी परेशानी हुई थी. जैसे छात्र द्वारा च्वाइस कुछ दिया गया और बाद में कॉलेज लिस्ट बदल गयी. विवि के पास शिकायत आयी थी. लेकिन छात्रों द्वारा आइपी नंबर नहीं दिये जाने से ट्रेस करना मुश्किल हो गया था कि आवेदन करते समय गड़बड़ी हुई या फिर बाद में किसी दूसरी जगह से गड़बड़ी हुई. आइपी नंबर से यह चेक हो जायेगा.
क्योंकि आइपी नंबर अलग हुआ, तो इससे यह पता चलेगा कि गड़बड़ी कोई और कर रहा है. इस बारे में एनओयू के रजिस्ट्रार और राज्य स्तरीय संयुक्त बीएड परीक्षा के नोडल पदाधिकारी एसपी सिन्हा ने बताया कि आवेदन के दौरान तकनीकी गड़बड़ी होगी, तो आइपी नंबर से पकड़ में आ सकती है. अत: छात्र जहां से च्वाइस फिलिंग करते हैं, वहां का आइपी नंबर ले लें. अगर मोबाइल से भी करते हैं उसका आइपी नंबर ले लें.
