गोदाम से राशन दुकान तक अनाज वितरण की होगी मॉनीटरिंग
पटना : भारतीय खाद्य निगम व राज्य खाद्य निगम के गोदाम से अनाज के उठाव से लेकर राशन दुकानों में वितरण की व्यवस्था की मॉनीटरिंग होगी. इसका मकसद कालाबाजारी को रोकना है. ताकि जरूरतमंदोंं को अनाज मिल सके.
अनाज की वितरण की मॉनीटरिंग का काम जिलों में बने आपूर्ति शृंखला केंद्र से होना है. आपूर्ति श्रृंखला केंद्र के लिए बननेवाले नये भवन के लिए 43़ 73 करोड़ राशि उपलब्ध है, लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण अपना भवन बनने में बाधा आ रही है. 31 जिलों में जमीन नहीं मिली है. सात जिले सारण, पूर्णिया, मधेपुरा, पश्चिम चंपारण,बक्सर, नवादा व सीतामढ़ी में जमीन उपलब्ध होने से भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू है.
मॉनीटरिंग में परेशानी : राज्य में लगभग साढ़े आठ करोड़ लाभुकों को प्रत्येक माह 4़ 54 लाख मीट्रीक टन अनाज वितरण होता है. अनाज के उठाव से लेकर राशन दुकानों तक पहुंचने व फिर उपभोक्ताओं के वितरण तक पूरा लेखा-जोखा रखने के लिए जिला आपूर्ति शृंखला प्रबंधन केंद्र बनाये गये . इससे किस दुकान को कितना राशन मिला और कितने उपभोक्ताओं के बीच अनाज वितरण हुआ इसका हिसाब एक क्लिक में मिल जाना है. केंद्र को अपना भवन नहीं होने से सिस्टम के सेटअप के लिए व्यवस्था नहीं होने से सही तरीके से मॉनिटरिंग नहीं हो रही है.
हेराफेरी जारी
राशन दुकानों में पहुंचनेवाले अनाज की हेराफेरी अभी भी जारी है. राशन दुकानों में अनाज का वितरण डोर टू स्टेप डिलीवरी के माध्यम से होता है. इसमें बिहार राज्य खाद्य आपूर्ति निगम से परिवहन एजेंटों को अनाज उठाकर जीपीएस वाहनों से अनाज राशन दुकानों में पहुंचाना है.
